उरई। रोडवेज बसों में अब यात्रियों की सुरक्षा बढ़ जाएगी। उरई डिपो की 82 में से 22 बसों में पैनिक बटन लगाया जाना शेष है। खतरा समझ आने पर यात्री फौरन बटन दबा सकेगा। इसके बाद फौरन खतरे का संदेश नजदीकी पुलिस स्टेशन पर पहुंचेगा। इसके बाद पुलिस की सतर्कता से बस के यात्रियों को सुरक्षा दी जा सकेगी। यही नहीं, चालकों की रफ्तार और जगह-जगह बस रोकने की आदत पर भी विराम लगेगा। जीपीएस सिस्टम की वजह से रोडवेज के अधिकारी सीधे उनकी निगरानी कर सकेंगे।
सीनियर फोरमैन रामजी तिवारी ने बताया कि रोडवेज की 32 नई बसों में पैनिक और वीटीएस लगा हुआ है। डिपो की 28 बसों में यह सिस्टम लगा दिया गया है। इस तरह कुल 60 बसों में यह सुविधा मुहैया करा दी गई है। उरई डिपो के बेड़े में कुल 82 बसें हैं। शेष बची 22 बसों में पैनिक बटन व वीटीएस सिस्टम लगाया जा रहा है।
महिलाओं समेत यात्रियों की सुरक्षा के लिए रोडवेज बसों में पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। किसी तरह की परेशानी होने पर बस में सवार यात्री पैनिक बटन का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे उन्हें पुलिस की मदद मिल जाएगी। इस बटन को ऑनलाइन जीपीएस के माध्यम से नजदीकी पुलिस स्टेशन से जोड़ा जाएगा। जैसे ही कोई यह बटन दबाएगा, उसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन तक पहुंच जाएगी।
बताया कि 22 बसों में पैनिक बटन लगाया जाना रह गया है। व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगने से रोडवेज मुख्यालय से ही बसों की निगरानी हो सकेगी और चालकों की मनमानी को लेकर आने वाले शिकायतों पर विराम लगेगा।
केस-1
हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती डेढ़ वर्ष पहले किसी काम से जाल्हूपुर मोड़ आई थी। रात करीब आठ बजे वह बस से लौट रही थी, तो कुछ युवकों ने उसके साथ छेड़खानी की थी। पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
केस-2
शहर कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र नगर निवासी एक महिला कानपुर अपनी ससुराल जा रही थी। तभी कालपी कोतवाली क्षेत्र में कालपी और आटा के बीच टप्पेबाजों ने उसका बैग पार कर लिया था। इसमें लगभग पांच लाख रुपये के जेवर थे।
वर्जन
-रोडवेज द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बसों में ट्रेकिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। बसों में ट्रेकिंग सिस्टम लग जाने से चालकों की मनमानी पर अंकुश के साथ ही यात्रियों की परेशानी दूर हो जाएगी। पैनिक बटन महिलाओं व अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए जा रहे हैं। -दुर्गाशंकर, एआरएम रोडवेज