उरई। शहर के उमरार खेड़ा में एक मजदूर घर में ही फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि मजदूर को कई दिन से कम नहीं मिल रहा था। इससे वह परेशान था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने मजदूर के परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कैलिया थानाक्षेत्र के पिंपरी गांव निवासी मोनू उर्फ धीरेंद्र जाटव (30) मजदूरी करता था। वह करीब एक माह से शहर कोतवाली क्षेत्र के उमरार खेड़ा निवासी जसवंत सिंह के मकान में किराए पर रह रहा था। रविवार दोपहर मोनू ने घर में ही कमरे का दरवाजा बंद करके पंखे के कुंडे से रस्सी के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मकान मालिक के सूचना देने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर मजदूर के शव को फंदे से नीचे उतरवाया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मोनू को कई दिनों ने काम नहीं मिल रहा था। इससे वह परेशान था। एक सप्ताह पहले उसकी पत्नी किरण बच्चों को लेकर सुराल चली गई थी। तब से वह घर में अकेले रह रहा था। मोनू की मौत से पत्नी किरण और बच्चे का रो-रो कर बुरा हाल रहा। पुलिस का कहना है कि मोनू ने आत्महत्या की है।