उरई। करीब दस महीने से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे जल संस्थान के ठेका कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। ठेका कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास इतने रुपये नहीं है कि रात को घर आकर फिर से सुबह धरना दें। लिहाजा रात भर जल संस्थान कार्यालय में ही रहेंगे। सोमवार की सुबह भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
जल संस्थान कार्यालय में धरने पर बैठे राधारमण, वीरेश चतुर्वेदी, इमरान, आत्माराम, अब्दुल बकार आदि ने बताया कि शहरी क्षेत्र के नलकूप चालकों को ढाई हजार और ग्रामीण क्षेत्र के नलकूप चालकों को दो हजार रुपये मासिक मानदेय ठेकेदार द्वारा दिया जाता है। वह भी पिछले साल अगस्त से नहीं दिया गया है। ऐसी हालत में भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे है। कई बार फरियाद के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है। परवेज, अशफाक, सीताराम ने कहा कि जल संस्थान के ठेका कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी दिलाने की व्यवस्था की जाए। तत्काल प्रभाव से दस माह का बकाया भुगतान किया जाए। ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से हम लोग बकाया भुगतान के लिए भटक रहे है। उन्होंने जल्द भुगतान दिलाने की मांग की।