कालपी। नगर में बने छात्रावास में कब्जा जमाये लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। इन लोगों को सात दिन में हॉस्टल खाली करना होगा। कब्जा होने की वजह से छात्रों को छात्रावास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस कार्रवाई के बाद भी यदि हॉस्टल खाली नहीं किया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जाएगी।
नगर के मुख्य बाजार में समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बालक छात्रावास तैयार किया गया था। लेकिन, इस हॉस्टल में अनाधिकृत व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया। पहले छात्रों को रहने के लिए 17 कमरों का दोमंजिला भवन बनाकर बिजली पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। इन कमरों में ठहरने के लिए 40 छात्रों के लिए प्रबंध किए गए थे। पूर्व में छात्रों को कमरे आवंटित किए गए, बाद में इन्हें रोक दिया गया। विभाग की इस ढिलाई के बाद छात्रावास में खाली पड़े कमरों पर लोगों ने कब्जा करना शुरू कर दिया। अब उनको निकाले जाने की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में छात्रावास अधीक्षक देवेंद्र कुमार त्रिवेदी ने एसडीएम, सीओ और जिला समाज कल्याण अधिकारी को कई बार पत्र भी भेजा। हिदायत के बावजूद कब्जेदार हॉस्टल छोड़कर नहीं गए। मंगलवार को अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए छात्रावास के गेट पर नोटिस चस्पा किया। इसमें चेतावनी दी गई कि सात दिन में छात्रावास खाली नहीं किया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दीवार में दरारें, भवन पर भी संकट
-रखरखाव के अभाव में छात्रावास भवन पर संकट दिखने लगा है। दीवारों पर दरारे आ गई हैं और लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। वर्ष 1997 में बसपा सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे क्षेत्रीय विधायक रामपाल के समय में इस छात्रावास का निर्माण हुआ था। उसके बाद इसके रखरखाव को लेकर लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से भवन पर असर दिखना शुरू हो गया है। छात्रावास की पश्चिम दिशा की चहारदीवारी तीन साल से टूटी है। मुख्य गेट के बगल में भी चहारदीवारी कई जगह से टूट गई है। कमरों के दरवाजे एवं खिड़कियां भी टूट चुकी हैं।