उरई। गैंगस्टर के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दोषी को दो साल की सजा सुनाई और पांच हजार जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी हरीलाल कश्यप ने रामपुरा थाना क्षेत्र के बिल्हौड़ निवासी प्रहलाद के खिलाफ दो दिसंबर 1998 को गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज भारतेंद्र सिंह ने प्रहलाद को गैंगस्टर में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। (संवाद)