रामपुरा। बकरियों को पानी पिलाने गई दो किशोरियां नदी में डूबने लगी। किशोरियों की चीख पुकार सुनकर पास में ही मौजूद मां व दादी ने नदी में छलांग लगाकर दोनों को बाहर निकाला। जानकारी पर पहुंपरिजन आ गए। दोनों को सीएचसी ले गए, वहां से एक की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के निनावली जागीर निवासी मुनेश कुमार की पत्नी रेखा देवी व मां पानकुंवर शुक्रवार को पहूज नदी के पास खेत की सरसों की कटी फसल को एकत्रित करने के लिए अपनी बेटियों पायल (13) व शालिनी (12) के साथ गई थीं। दोपहर में दोनों बहनें बकरियों को लेकर उन्हें पानी पिलाने खेत के बगल में स्थित पहूज नदी में पहुंची।
पायल ने बताया कि पैर फिसलने पर शालिनी नदी में गिरकर डूबने लगी। छोटी बहन को डूबता देख वह भी उसे बचाने के लिए नदी में कूद गई। जब दोनों बहनें डूबने लगीं तो बचाव के लिए चीखने-चिल्लाने लगीं। चीख पुकार सुनकर पास ही मौजूद मां व दादी नदी किनारे पहुंची और दोनों को डूबता देखकर नदीं में छलांग लगाकर दोनों को बाहर निकाला। जानकारी पर और भी लोग आ गए। दोनों किशोरियों को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां शालिनी की गंभीर हालत होने पर उसे मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
सलाघाट में डूबे किशोर के परिजनों को चार लाख की मदद
कोंच। पिछले दिनों दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए उरई निवासी सत्रह वर्षीय किशोर की नदी के पानी में डूबकर मौत हो जाने पर उसके परिजनों को चार लाख की सरकारी मदद दी गई है।
25 मार्च को अश्विनी वर्मा पुत्र राजाभैया निवासी सुशील नगर, उरई अपने कुछ दोस्तों के साथ कोंच तहसील क्षेत्र के सलाघाट पर पिकनिक मनाने गया था। बेतवा नदी में नहाते वक्त अश्विनी की डूबने से मौत हो गई थी। उसकी मौत पर दैवी आपदा कोष से परिजनों को चार लाख रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। एसडीएम सुशील कुमार सिंह व तहसीलदार वीरेंद्र गुप्ता ने बताया है कि आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में भेजी गई है। (संवाद)