एक दोषी इटावा का रहने वाला, कोर्ट ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई (जालौन)। चाची-भतीजी के अपहरण में पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने दो आरोपियों को दोषी पाकर सात सात-साल की सजा सुनाई। एक दोषी पर 12 हजार और दूसरे पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
गोहन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दो ग्रामीणों ने थाना पुलिस को अलग-अलग तहरीर देकर बताया था कि 28 अप्रैल 2018 को वह लोग खेत पर गेहूं काटने गए थे। जब वह खेत से घर आए तो पता चला कि उन दोनों की बेटियों को रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम हुसेपुरा जागीर निवासी नागेश बहलाकर ले गया है। दोनों रिश्ते में चाची-भतीजी थीं।
पुलिस विवेचना में इटावा जनपद के थाना बकेवर निवासी राहुल का नाम भी सामने आया था। पुलिस ने महिला व किशोरी की तलाश में कई जगह दबिश दी थी। फिर पुलिस ने फोन लोकेशन की मदद से 17 मई 2018 को महिला, किशोरी, नागेश और राहुल को गिरफ्तार कर लिया था। महिला और किशोरी ने पर राहुल पर छेड़खानी-अपहरण और नागेश पर अपहरण का आरोप लगाया था।
छह साल पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने पत्रावली का अवलोकन कर राहुल और नागेश को दोषी पाते हुए सात सात साल की सजा सुनाई।