आटा। हिट एंड रन कानून के खिलाफ रविवार को ट्रक ड्राइवर सड़क पर उतर आए।
उन्होंने सड़क और डिवाइडर पर आड़े-तिरछे ट्रक खड़ा कर जाम लगा दिया। दो घंटे से ज्यादा देर तक जाम लगा रहा, जिसमें सात किलोमीटर तक दोनों साइड एंबुलेंस समेत कई गाड़ियां फंसी रहीं। पुलिस के पहुंचने पर नोकझोंक हुई। जाम खोलने के बाद उन्होंने फिर ऊसर गांव और उसके बाद ज्ञान भारती चौकी के पास जाम लगा दिया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जा रहे लोगों को उतरकर जाम को पार करना पड़ा।
ट्रक यूनियन के बैनर तले ड्राइवरों ने जमकर नारेबाजी की और कानून वापस लेने की मांग उठाई। उनका कहना है कि सरकार नए कानून में ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ दुर्घटना होने पर 10 साल की कैद और सात लाख रुपये जुर्माना लगाने का कानून लाने की तैयारी कर रही है।
ट्रक चलाने वाले गरीब परिवार से होते हैं। सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए। सड़क पर उतरे दो दर्जन के करीब ट्रक ड्राइवर व उनके साथियों ने हाईवे पर दो क्रेन सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा वाहन खड़े कर दिए थे। इस वजह से सुबह करीब 11:25 बजे से भवुआ मजार से आटा और भवुआ मजार से साईं मंदिर तक करीब सात किलोमीटर तक जाम लग गया।
जाम में भारी वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहन और एंबुलेंस फंस गई। सूचना पर पहुंची आटा और कालपी थाना पुलिस और सीओ कालपी देवेंद्र पचौरी और एसडीएम हेमंत पटेल ने नाराज ड्राइवरों को समझाया। काफी देर नोकझोंक भी हुई। एंबुलेंस को उस बीच निकाला गया। दोपहर 1:35 तक जाम लगा रहा। उसके खुलने के बाद विरोध करते हुए ड्राइवरों ने ऊसर गांव और फिर ज्ञान भारती चौकी के पास जाम लगा दिया। कुछ देर लगे इस जाम को भी पुलिस ने खुलवाया। इस मामले में पुलिस जाम लगाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
जाम में निजी और सरकारी एंबुलेंस फंस गईं थीं। निजी एंबुलेंस से प्रयागराज अस्पताल जा रहे मरीज आकाश चौहान ने बताया कि वह अहमदाबाद से प्रयागराज जा रहा है। जाम में करीब 15 मिनट तक उसकी एंबुलेंस नहीं निकल सकी। पुलिस के सहयोग से जाम पार कर पाए। इसी जाम में एक एंबुलेंस से कानपुर जा रहे दो माह का बच्चा भी फंस गया। पुलिस के अनुसार उसे निमोनिया हुआ था। जानकारी मिलते ही फौरन उस एंबुलेंस को जाम से बाहर निकाला गया। इसी तरह एक एंबुलेंस और फंस गई थी।
आटा के रहने वाले राकेश कुमार का परिवार कानपुर जा रहा था। जरूरी काम था, पहुंचना भी था। लेकिन जाम देखकर बस से उतर गए। वापस घर जाने लगे। बताया कि जाम खुलने के बाद ही अब वह दूसरी बस से निकलेंगे। बच्चों को अब नहीं ले जाएंगे। रास्ते में ऐसी परेशानी बच्चों के लिए ठीक नहीं है। इसी तरह झांसी से आ रहे जगदीश भी बस से उतर गए। उन्हें सोमवार को कानपुर की एक कंपनी ज्वाइन करनी थी। इसलिए रविवार को हर हाल में पहुंचना था। हालांकि दो घंटे बाद जाम खुला तब वह गए।
जालौन। हिंट एंड रन कानून के खिलाफ हड़ताल करते हुए चालकों ने ट्रक नहीं चलाए, मटर की लोडिंग नहीं की। इससे किसानों को परेशानी हुई।
जालौन क्षेत्र में मटर का काफी उत्पादन होता है। मंडियों के लिए कई ट्रकों में मटर बिकने जाती है। रविवार को ट्रक लोडिंग नहीं हुई तो किसान हलकान हुए। चालक नीलू पाल नोएडा, शौकीन सोनीपत, सुधीर मुजफ्फरनगर ने बताया कि नए कानून का विरोध किया जा रहा है। इसको सरकार वापस ले। व्यापारी सुलेमान, जमालू राईन व सोहराब ने बताया कि ट्रक चालक माल को लोड नहीं कर रहे हैं। इससे हरी मटर का व्यापार प्रभावित हो रहा है। रविवार को मंडी में हरी मटर की खरीद नहीं हुआ। मुद्दीन, लला राईन, सलीम व इसरार ने बताया कि हरी मटर के साथ ही सब्जी व फल भी यहां से बाहर की मंडिया में जाते हैं, लेकिन रविवार को समस्या रही।