उरई। पत्नी और बच्चों के बगैर अकेले रह रहे वृद्ध अवसाद में चले गए और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। दूसरे दिन जब उनके घर का दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलानी पड़ी। वृद्ध का शव फंदे पर लटका था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी भरत भूषण अग्रवाल (61) घर में अकेले रहते थे। एक पड़ोसी ने बताया कि वह एक एनजीओ में काम करते थे। उनके दो बेटे हिमांशु व हर्षित बाहर रहते हैं। उनकी पत्नी गीता देवी भी बच्चों के साथ भोपाल रहती हैं। वह उरई में काफी समय से अकेले रहते थे। कई बार जब बाहर मिलते थे, तो अक्सर अकेलेपन को लेकर दुखी रहते थे।
उन्होंने कई बार आसपास के मिलने वालों से अपने दुख को बांटा भी था। इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। कमरे में लगे हुक में फंदा लगाकर उन्होंने जान दे दी। सुबह जब उनका दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस के आने के बाद दरवाजा तोड़कर उनका शव बाहर निकाला गया। कोतवाल प्रभारी वीरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया गया है। आत्महत्या का कारण अकेलापन बताया जा रहा है।