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Jalaun News: इस सीजन का सबसे ठंडा रहा गुरुवार, पूरे दिन नहीं निकली धूप

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उरई। इस सीजन में गुरुवार का दिन सबसे ठंडा रहा है। पहली बार अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा और न्यूनतम तापमान भी 10 से नीचे रहा।
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पहली बार इस सीजन में पूरे दिन सूरज नहीं निकला। धूप न निकलने और शीतल लहर की वजह से लोग ठंड से ठिठुरते दिखे। इस मौसम का असर यातायात पर भी पड़ा। सड़कों पर कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, जिससे वाहन रेंगते दिखे। वहीं, ट्रेनें भी घंटों देरी से पहुंची। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
पांच दिन से लगातार घना कोहरा आम जन जीवन पर असर डाल रहा है। हालांकि प्रतिदिन 10 से 12 बजे तक कोहरे का असर देखा जा रहा है। उसके बाद तेज धूप खिलने से लोग राहत महसूस कर रहे थे। गुरुवार को पूरे दिन धुंध रही और धूप नहीं निकली। शीत लहर चलने से गलन बनी रही। मौसम वैज्ञानिक कुलदीप गुप्ता ने बताया कि पहली बार अधिकतम तापमान 19 और न्यूतनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रहा। उन्होंने बताया कि सर्दी अभी और बढ़ेगी। दिन का तापमान 15 और रात का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है।
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सर्दी का असर यातायात से लेकर आम जनजीवन पर नजर आया। चौराहों, दुकानों व कारखानों में नौकरी कर रहे लोग भी अलाव जलाकर और सर्दी से बचने जे जतन करते हुए काम करते नजर आए।
सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों को लेकर समस्या बढ़ गई है। बच्चों को सर्दी, जुकाम और खांसी ने परेशान कर दिया है। बुजुर्ग शरीर के दर्द से कराह रहे हैं।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि मौसम बदल रहा है। बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में मौसम में यदि अहतियात न बरतें तो बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। ऊनी वस्त्र पहनाकर रखें। उन्होंने बताया कि सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए जितना बच्चों को मौसम से बचाएं, उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा। वहीं, बुजुर्ग भी अलाव, रूम हीटर आदि का प्रयोग कर ठंड से बच सकते हैं। रजाई में ज्यादा समय रहें और कान, नाक आदि ढंककर रखें, ऊनी वस्त्र पहनें। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग अवस्था में अक्सर ठंडी हवा शरीर में दर्द पैदा कर देती हैं।

उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर घने कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन धीमी गति से हुआ। गुरुवार को इस रेलमार्ग से आने-जाने वाली ट्रेन छपरा मेल समेत तीन ट्रेनें निरस्त रहीं। अहमदाबाद से दरभंगा ट्रेन नंबर 19165 साबरमती एक्सप्रेस, मुंबई गोरखपुर ट्रेन नंबर 12598 अंत्योदय एक्सप्रेस शामिल हैं। इसी मार्ग पर गोरखपुर से कोच्चिवैली जाने वाली ट्रेन नंबर 12591 करीब नौ घंटे देरी से पहुंची।
झांसी लखनऊ पैसेंजर पांच घंटा आठ मिनट, पनवेल से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन अपने निर्धारित समय से आठ घंटा देरी से पहुंची। प्रतापगढ़ से मुंबई जाने वाली उद्योनगरी एक्सप्रेस 12174 चार घंटा, झांसी लखनऊ इंटरसिटी डेढ़ घंटा देरी से आई। गोरखपुर से मुंबई संत कबीरनगर एक्सप्रेस नंबर 20104 एक घंटा 30 मिनट, मुंबई सीतापुर एक्सप्रेस नंबर 12107 एक घंटा 48 मिनट देरी से पहुंची।
झांसी-कानपुर मेमू अपने निर्धारित समय 11 बजे बजे के स्थान पर 12:02 करीब एक घंटे देरी से पहुंची। इन ट्रेनों से कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, भोपाल, लखनऊ व नासिक मुंबई जाने वाले लोगों को कई घंटे स्टेशन पर गुजरना पड़ा। इससे यात्रियों को इस मौसम में यात्रा करने में काफी परेशानी हो रही है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि कोहरे के कारण देरी से आ रही हैं।
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कोंच। एसडीएम अतुल कुमार का कहना है कि कस्बे में अलाव लगाने के लिए नगर पालिका के ईओ व तहसीलदार को निर्देशित किया कि निर्धारित स्थानों पर अलाव को लेकर व्यवस्था कराएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। जहां अलाव जलते नहीं मिलेंगे, वहां की रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
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