उरई (जालौन)। छात्रा की हत्या में दोषी दो चचेरे भाइयों समेत तीन लोगों को अपर जिला जज अंजू राजपूत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता ह्देश पांडेय ने बताया की कोंच कोतवाली क्षेत्र के चमड़ा ठाकुरपुर गांव निवासी मनोज कुमार ने 20 अप्रैल 2012 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 19 अप्रैल 2012 को खेत पर फसल की मड़ाई का काम होना था। घर के सभी लोग खेत पर गए थे। सुबह चार बजे वह घर आए तो देखा तो घर के दरवाजे की कुंडी खुली थी। अंदर जाकर देखा तो उसकी छोटी बहन रश्मि का शव एक कोने में पड़ा था।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में पुलिस के सामने संदीप कुशवाहा और उसके चचेरे भाई आनंद कुशवाहा एवं कल्लू परिहार आनंद का नाम आया था। पुलिस ने 14 मई 2012 को तीनों को गिरफ्तार जेल भेज दिया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आठ फरवरी 2013 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
11 साल चले ट्रायल के बाद सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस, गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी पाया गया। इसके बाद सजा सुनाई गई। दोनों परिवार के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया था।