उरई (जालौन)। झांसी-कानपुर के 206 किलोमीटर लंबे रेलखंड में थिक वेब स्विच (टीडब्ल्यूएस) लगाए जा रहे हैं। इन स्विचों के लगने से ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन की गति बढ़कर 160 किलोमीटर तक हो जाएगी। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचेंगे। यह काम मिशन गति शक्ति योजना के तहत किया जा रहा है।
अभी तक इस तरह के स्विच धौलपुर बीना रेलखंड में लगाए गए हैं। अब इन थिक वेब स्विच को लगाने का काम झांसी कानपुर रेलखंड में भी किया जा रहा है। आरडीएसओ की अनुमति के बाद इन्हें लगाने का काम किया जा रहा है। फिलहाल उरई भुआ सेक्शन के भुआ स्टेशन पर यह स्विच लगाने का काम किया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि अभी जब ट्रेन एक पटरी से दूसरी पटरी पर जाती है तो जोड़ पतले होने के कारण ट्रेन के चालक को ट्रेन की रफ्तार कम करनी पड़ती है। स्विच लगने के बाद ट्रेन पूरी रफ्तार के बाद पटरी बदल देगी। अभी तीन स्लीपर के बाद पटरी का ज्वाइंट होता था, स्विच लगने के बाद आठ स्लीपर से पटरी का ज्वाइंट होगा। दूरी के कारण ट्रेन पूरी रफ्तार से चलेगी साथ ही जर्क (झटका) भी नहीं लगेगा। बता दें कि झांसी कानपुर रेलमार्ग पर इस समय 42 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन और 40 समर स्पेशल ट्रेनों के साथ 24 मालगाड़ियों की आवाजाही होती है।
क्या है थिक वेब स्विच
थिक वेब स्विच (टीडब्ल्यूएस) लगाने का उद्देश्य ट्रेनों को 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड तक ले जाना है। जिसे भविष्य में 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा इससे लूप लाइन में भी ट्रेनों की गति 30 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे हो सकेगी।
काम जारी, जल्द होगा पूरा
झांसी कानपुर रेलखंड में मुस्तरा, गढ़मऊ, पारीछा, चिरगांव, नंदखास, मोंठ, एरच रोड, परौना, एट, भुआ, उरई, आटा, उसरगांव, कालपी, चौराहा, पुखरायां, मलासा, लालपुर, तिलौंची, पामां, रसूलपुर, गोगामऊ, बिनौर, भीमसेन स्टेशन के होम सिग्नल पर थिंक वेब स्विच लगाए जाने है। इसमें कई स्टेशन पर स्विच लगाए जा चुके है। अभी भुआ और आटा स्टेशन यार्ड में स्विच लगाने का काम चल रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द काम पूरा कर लिया जाएगा।
वर्जन
सिग्नल प्वाइंट पर थिक वेब स्विच लगने से ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा हो जाएगा। ट्रेन की गति बढ़कर 160 किलोमीटर भी हो सकेगी। गति बढ़ने से यात्रियों को लाभ होगा। काम तेजी से जारी है। -मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी मंडल