माधौगढ़। गर्मी में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। वहीं, अग्निशमन केंद्र में एक गाड़ी ऊंट के मुंह में जीरा के समान वाली कहावत चरितार्थ हो रही हैं। ऐसे में यदि तहसील क्षेत्र के गांवों में कहीं भी आग लग जाती हैं तो उस पर काबू पाना कठिन हो जाता हैं। ग्रामीणों ने डीएम से अग्निशमन केंद्र में तीन गाड़ी तैनात करने की मांग की हैं।
बता दें कि तहसील क्षेत्र के 256 गांवों की 80247 हेक्टेयर भूभाग पर कहीं आग लगती हैं तो दमकल की एक गाड़ी इतने बड़े क्षेत्र के लिए नाकाफी साबित होती हैं। यही कारण हैं कि हर वर्ष एक सैकड़ा गांवों में आग से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो जाती हैं। वहीं किसानों को आग से पशुहानि का भी खामियाजा भुगतना पड़ता हैं। सरकार मुआवजा के नाम पर लोगों को कुछ नहीं मिलता हैं।
इससे किसानों को गर्मी के मौसम में नींद गायब हो जाती हैं। ग्रामीण शैलेंद्र सिंह,रवि सिंह, महेश शाक्यवार, हरीसिंह, अवधेश भदौरिया, मोहित सिंह आदि का कहना हैं कि इतने बड़े क्षेत्र के लिए एक दमकल गाड़ी नाकाफी हैं। अग्निशमन केंद्र पर दो दमकल गाड़ी होती तो पड़कुला के दो किसान की फसलें आग से बच जाती। यही नहीं मिहौनी में बस की आग बुझाते-बुझाते पानी समाप्त हो गया और दमकल कर्मी असहाय से महसूस नजर आए।
वर्जन
विधायक मूलचंद निरंजन का कहना हैं कि इतने बडे़ क्षेत्र के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर दमकल गाड़ियों के बढ़वाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे एक से अधिक जगह पर होने वाले अग्निकांड को रोका जा सके।
वर्जन
तहसीलदार अमित शेखर का कहना हैं कि अग्निकांड होने के बाद लेखपाल द्वारा मौके पर रिपोर्ट तैयार की जाती हैं। बाद में रिपोर्ट शासन को भेज दी जाती हैं। मंजूर होने के बाद किसान को चेक दे दी जाती हैं।
चार दमकल गाड़ियों की और जरूरत
एडवोकेट विपिन कुमार सिंह का कहना हैं कि तहसील क्षेत्र में कम से कम चार दमकल की गाड़ियों की जरूरत हैं। अभी हाल में मिहौनी में बस में आग लग जाने से एक दमकल गाड़ी आग नही बुझा सकी। जिससे बस पूरी जल गई। यहीं नहीं पड़कुला में आग से दस बीघा गेहूं की फसल जल गई, दमकल गाड़ी का अता पता नहीं रहा। जिससे किसानों के आंखों के सामने सब कुछ जल गया फोटो।
दो जगह आग लगने पर हो जाती मुश्किल
भाकियू के तहसील अध्यक्ष शिवबालक सिंह का कहना हैं कि गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में माधौगढ़, रामपुरा,जगम्मनपुर, सिद्धपुरा,ऊमरी, सरावन जैसी जगहों पर आग लग जाने पर काबू पाना कठिन हो जाता हैं। वही उरई,जालौन से दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने से पहले सब कुछ जलकर राख हो जाता हैं। ऐसे में दमकल की गाड़ियों का बढ़ना नितांत आवश्यक हैं।