संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिला अस्पताल खतरे के मुहाने पर खड़ा है। यहां आग से निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यहां फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, कई वार्ड में फायर एग्जीक्यूटर तक नहीं हैं। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई दूसरा गेट तक नहीं है। एक दो वार्ड में बनाया भी गया, तो वह महज दो से ढाई फीट का गेट है। ऐसे में यहां आपात स्थिति में भर्ती 200 से ज्यादा मरीजों व लगभग इतने ही तीमारदारों की जान हमेशा खतरे में रहती है।