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Jalaun News: युवक के पूरे शरीर में चोट के निशान, पुलिस कह रही नहीं थे निशान

Tue, 16 Jul 2024 01:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। डकोर थाना पुलिस की हिरासत में हुई मौत के मामले में पुलिस पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान बनाए गए वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि युवक के पूरे शरीर पैर से लेकर हथेलियों तक गंभीर चोट के निशान हैं।
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पुलिस के वर्जन में एक दिन पहले जिन चोटों को साफ नकारा गया था। आज वही पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान मान रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, चोटों की वजह से मौत होना नहीं दर्शाया गया है।पुलिस के एक दिन पूर्व वीडियो वर्जन में मृतक राजकुमार के शरीर पर चोटों के निशान की बात को नहीं स्वीकारा गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में विधि द्वारा स्थापित नियमों का पालन करते हुए पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें चोटों के निशान मौजूद हैं। लेकिन रिपोर्ट में इन चोटों की वजह से मौत होना नहीं बताया गया है। सांस की वजह से ह्रदयगति रुकने से मृत्यु होना बताया गया है। विसरा सुरक्षित किया गया है। विसरा सुरक्षित किया गया है। मौत की स्पष्ट वजह विसरा रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगी। परिजनों को अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने के सवाल पर उन्होंने बताया कि अभी तक परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने नहीं आए हैं। अगर आते हैं तो उन्हें रिपोर्ट साैंप दी जाएगी।
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उत्तर प्रदेश के पूर्व डीआईजी रतन श्रीवास्तव ने अमर उजाला से बातचीत के दाैरान फोन पर बताया कि कस्टडी में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल नहीं पाती है। मामला गंभीर होने की वजह से पुलिस भी हमेशा बैकफुट पर रहने का प्रयास करती है। लेकिन जिला अस्पताल में शव छोड़ जाने के मामले में पुलिस कर्मी दोषी हैं। इसकी जांच होने के बाद अगर दोषी पाया जाता है तो निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही यह हत्या जैसा ही मामला है, पुलिस के लिए भी कानून की धाराएं एक जैसी हैं। (संवाद)



अपनी ही लिखी कहानी में उलझती जा रही डकोर पुलिस

उरई। पुरानी कहावत है कि एक गलती छुपाने की कोशिश में कई गलतियां होती जाती हैं। डकोर कोतवाली में पुलिस हिरासत में हुई युवक राजकुमार की मौत के मामले में पुलिस अपने ही जाल में उलझती हुई दिख रही है। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी राजकुमार को हिरासत में लिया। इसके बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस उसके शव को लेकर जिला अस्पताल आई और इमरजेंसी में छोड़कर भाग गई।

मामला तूल पकड़ता देख पुलिस के आलाधिकारी दोषी पुलिस कर्मियों का पक्ष लेते दिखे, बयान आया कि युवक की मौत बीमारी के चलते हुई है। फिर बताया कि वह शराब का लती था और उसे दमा की शिकायत थी। लेकिन शाम को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं मृतक की पत्नी व बहन ने अमर उजाला के सामने पुलिस पर मारपीट करने के आरोप लगाए थे। फिर पुलिस की तरफ से बयान जारी किया गया कि युवक के शरीर में कोई चोट के निशान नहीं है।

मामला तूल पकड़ा तो पुलिस रविवार को मृतक के परिजनों को पूछताछ के लिए ले गई और फिर मृतक की बहन का वीडियो बयान पुलिस की तरफ से आया कि युवक बीमार था और पुलिस बीमारी की हालत में उसे अपने साथ ले गई थी। पुलिस राजकुमार को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गई जहां मौत हो गई। इस बयान में भी पुलिस यह कहलाना भूल गई कि डॉक्टर इस बात की तस्दीक कर चुके है कि युवक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। पुलिस राजकुमार के शव को स्ट्रेचर में छोड़कर भाग गई थी।

मृतक संतोष उर्फ मखंचू के परिजन पुलिस से मिले

उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रा नगर में किराये के मकान में रह रहे युवक संतोष उर्फ मखंचू की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी सरिता की तहरीर पर राजकुमार, उसके भाई निर्भय सिंह उर्फ छंगे व निर्भय की पत्नी राधा, कार्तिक उर्फ फरसा वाले, आकाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने राजकुमार को हिरासत में लिया था। लेकिन उसकी हिरासत में मौत हो गई। जिस पर मामले ने तूल पकड़ लिया। चार दिन के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। परिजनो का आरोप है कि हिरासत में मौत का मामला इतना सुर्खियों में आ गया कि पुलिस अब अन्य आरोपियों को नहीं पकड़ रही है। जिस पर मखंचू के परिजन सोमवार को एएसपी से मिले और अन्य आरोपियों को पकड़ने की गुहार लगाई है।

मैनपुरी में तैनाती के दौरान भी विवादित रहे डकोर थाना प्रभारी राजेश पाल सिंह

उरई। मूलत: आगरा जिले के निवासी डकोर थाना प्रभारी राजेश पाल सिंह की तैनाती जब मैनपुरी जिले में रही तो वह तैनाती के बाद से ही विवादों में रहे। उन पर कई लोगों को धमकाने के आरोप लगे। उनका विवादों से गहरा नाता रहा है।

डकोर थाना के प्रभारी रहे राजेश पाल सिंह को पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया है। मैनपुरी जिले में तैनाती के दौरान थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह जब विस्वा थाने में तैनात थे। तब उन पर शिकायतकर्ता को ही बेरहमी से पीटने का आरोप लगा था। जिस पर उन्हें हटा दिया गया था। इसके बाद वह वह कई थानों में रहे जहां उन पर आरोप लगते रहे। इसके बाद जब उनकी जिले के सबसे चर्चित थाने डकोर में तैनाती हुई तो पुलिस हिरासत में युवक की मौत से पुलिस की जमकर किरकिरी हुई।

कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल आज आएगा

उरई। डकोर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले में राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रशासन प्रभारी के हवाले से कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनुज मिश्रा ने बताया कि इस घटना के मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधि 16 जुलाई को जिले में आएगा। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री, पूर्व विधायक आदि शामिल होंगे। जो घटना की गहराई से जांच करने के बाद पूरी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे। (संवाद)
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