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Jalaun News: मेडिकल कालेज की छत से कूदकर मरीज ने जान दी

Sat, 20 Jul 2024 05:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। मेडिकल कालेज में भर्ती मरीज ने भवन की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। दो दिन पहले उसको चोट लगने पर उसे भर्ती कराया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शाम तक उसके परिजनों का कोई पता नहीं चल सका।
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कुठौंद थाना क्षेत्र के शेखपुर बुजुर्ग निवासी अजब सिंह (45) बुधवार को सीढ़ियों से गिर गए थे। तब परिजनों ने उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। जहां सीने में अधिक चोट होने पर वार्ड नंबर सात में उनका इलाज चल रहा था। उसे सांस लेने और दर्द के कारण बड़ी परेशानी हो रही थी। इससे वह बहुत बैचेन था।
शुक्रवार सुबह वह लोगो की निगाह से बचकर मेडिकल कालेज की तीसरी मंजिल पर पहुंचा और उसने छलांग लगा दी। जिससे नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई। किसी के छत से गिरने की जानकारी पर मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
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इसी बीच किसी व्यक्ति के छत से गिरने की जानकारी पाकर पहुंचे कर्मचारियों ने उसे इमरजेंसी पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मरीज की मौत की सूचना मिलते ही मेडिकल कालेज प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि मरीज के कूदने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। अभी तक उसके परिजनों का पता नहीं लग सका है। परिजनों के तहरीर देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो माह पहले भी एक मरीज दे चुका है जान
उरई। मेडिकल कालेज में मरीज के छत से कूदने की यह कोई पहली घटना नहीं है। 1 अप्रैल को भी रामपुरा थाना क्षेत्र के मजीठ गांव निवासी लालजी उर्फ रिशु (30) जयपुर में रहकर मजदूरी करता था। वहां बीमार होने पर वह घर आ गया। तब परिजनों ने उसे झांसी में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक शराब के सेवन की वजह से लीवर में इंफेक्शन हो है। कुछ दिन इलाज कराने के बाद आर्थिक तंगी के चलते परिजन उसे घर ले आए। लेकिन फिर से तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। जहां मां से शौच जाने की बात कहकर गया और उसने खिड़की से छलांग लगाकर जान दे दी थी। इसमें मेडिकल कालेज की भी लापरवाही देखने को मिलती है कि वार्ड में भर्ती मरीज घटना के दौरान कहां जा रहा है, कौन उसके साथ है, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं रहती है। इसके बाद मेडिकल प्रशासन अपना पल्ला झाड़ लेता है। लोगों का कहना है कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है।
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