उरई। सौ एकड़ में बने राजकीय मेडिकल कॉलेज को 11 साल बाद पहली बार नगर पालिका को कर देना पड़ेगा। इसके लिए पालिका ने मेडिकल कालेज को नोटिस जारी किया है। आकलन के अनुसार, सालाना 48 लाख रुपये का कर निर्धारित किया गया है। कर संशोधन को लेकर आपत्ति के लिए मेडिकल कालेज प्राचार्य से एक महीने में आपत्ति मांगी है। उसके बाद तय कर निर्धारित कार्रवाई आगे बढ़ा दी जाएगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना वर्ष 2013 में हुई थी। करीब सौ एकड़ भूमि में बने इस कॉलेज में मेडिकल पढ़ाई के लिए कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, ऑडिटोरियम, अधिकारियों के लिए कक्ष के साथ ही अस्पताल के तौर पर वार्ड, ऑपरेशन कक्ष, चिकित्सक ओपीडी, पर्चा काउंटर, हॉल, पार्किंग, पार्क, पोस्टमार्टम हाउस आदि कई कक्ष हैं। नगर पालिका आय बढ़ाने के लिए उन भवनों को कर के दायरे में ला रही है, जो अब तक छूटे थे।
दो सौ के करीब भवनों की सूची बनी है। इनमें 50 के करीब को कर निर्धारित किया जा चुका है। डेढ़ सौ अभी भी कर देने से बचे हैं, इनमें मेडिकल कालेज भी शामिल था। नगर पालिका ने पहले परिसर क्षेत्रफल की जानकारी मेडिकल कालेज से ली और फिर उस पर मूल्यांकन करते हुए 48 लाख रुपये कर निर्धारित किया। अप्रैल से कर तय कर दिया जाएगा।
वर्जन-
कर बढ़ाने को लेकर एक सप्ताह से निरीक्षण के साथ नोटिस की कार्रवाई की जा रही थी। कर निर्धारित कर उनके पास नोटिस भी भेज दिया गया है। 48 लाख रुपये सालाना कर तय किया गया है, इसके लिए एक महीने में उन्हें आपत्ति दर्ज करानी होगी। -गणेश प्रसाद, कर अधीक्षक, नगर पालिका
नगर पालिका ने जो कर निर्धारित किया है। उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उसके बाद वहीं से जो तय होगा और बजट आएगा, उस पर आगे कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। -डॉ. आरके मौर्य, प्राचार्य