उरई। गांव में विवाद के बाद हुई मारपीट के मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने एक किशोर को दोषी पाते हुए सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई है। उसे 15 दिन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पानी पिलाना होगा। इसके बाद 15 दिन तहसील में जाकर फरियादियों को पानी पिलाना होगा।
रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 जून 2016 को उसके पिता खेतों की तरफ गए थे। लौटते समय किशोर व उसके पिता ने गालीगलौज कर दी। विरोध करने पर उनसे मारपीट की। पीड़ित ने इस मामले में किशोर को आरोपी बताते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने किशोर के खिलाफ अलग से चार्जशीट दाखिल की थी। जिसका ट्रायल किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा था।
किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष व सदस्यों ने किशोर को दोषी पाते हुए सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया। सजा का आदेश जिला प्रोबेशन कार्यालय भेज दिया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ.अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के अनुपालन में किशोर को 15 दिन तक रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों को पानी पिलाने की सजा सुनाई गई। किशोर की देखरेख के लिए रेल सुरक्षा बलों को जानकारी दे दी गई है।
इसके बाद किशोर को 15 दिन तहसील आने वाले फरियादियों को पानी पिलाना होगा। इस सामुदायिक सेवा कार्य की प्रोबेशन विभाग की टीम भी निगरानी करेगी। उन्होंने बताया कि किशोर मेधावी है और उसका कई जगह से नौकरी के लिए परिणाम भी आने वाला है। उन्होंने बताया कि किशोर रोजाना सुबह नौ बजे प्रोबेशन कार्यालय में आकर हाजिरी देगा। इसके बाद स्टेशन जाकर दस बजे से चार बजे तक ट्रेनों के यात्रियों को पानी पिलाएगा। इसके बाद फिर शाम साढ़े चार बजे प्रोबेशन कार्यालय में हाजिरी देगा। उन्होंने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड ने परिस्थितिजन्य अपराध पाया और किशोर के भविष्य को देखते हुए यह सुधारात्मक सजा सुनाई है।