उरई। बाइक चोरी के चार अलग-अलग मामलों में दोष साबित होने दोषी को अपर जिला जज राजीव सरन की अदालत ने दो दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
शासकीय अधिवक्ता अनूप उपाध्याय ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के नया पटेलनगर निवासी रामप्रकाश वर्मा ने 4 दिसंबर 2010 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह बाजार शॉपिंग करने गए थे, तभी उनकी बाइक चोरी हो गई थी। वहीं कोतवाली क्षेत्र के गोपालगंज निवासी विनीत भसीन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि दो नवंबर 2010 को वह एक शादी समारोह जालौन रोड पर गए थे, गेस्ट हाउस के बाहर से उनकी बाइक चोरी हो गई थी।
इसी तरह शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी आलोक सक्सेना ने पुलिस को 2010 में तहरीर देकर बताया था कि वह बाइक से बाजार गए थे, बाइक खड़ी कर सब्जी लेने लगे तभी बाइक चोरी हो गई थी। पुलिस ने तीनों बाइक चोरी के रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। कोतवाली पुलिस को 3 जनवरी 2011 को मुखबिर की सूचना मिली के कुछ बाइक सवार चोरी की बाइक बेचने की फिराक में अजनारी रोड पर खड़े है, पुलिस ने एक युवक को मौके से पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम कोंच कोतवाली क्षेत्र के चंदकुआं निवासी गुफरान बताया। पुलिस ने उसकी निशानदही पर चोरी की चार बाइकें बरामद कर उसे जेल भेज दिया था।
चोरी के चारों मामलों में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसका ट्रायल अपर जिला जज राजीव सरन की अदालत में चल रहा था। मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अपर जिला जज ने दोषी को दो-दो साल की कैद और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।