उरई। बघौरा की नई बस्ती को अभी तक गांव वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। जबकि उनसे टैक्स शहर वाला वसूला जा रहा है। यह मोहल्ला करीब 15 साल पहले बसा था और धीरे-धीरे आबादी बढ़ती चली गई। लेकिन सुविधाओं के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किए गए। पेयजल के लिए यहां पाइप लाइन नहीं है। मोहल्ले में सड़कें कच्ची हैं तो नाली न बनने से जलभराव भी रहता है। बिजली के लिए खंभे न होने से बल्ली के सहारे केबल डालनी पड़ रही है। गर्मी के समय पेयजल के लिए मोहल्ले वाले टैंकर पर निर्भर रहते हैं। बारिश में सड़क दलदल में तब्दील हो जाती हैं। नालियों का पानी जलनिकासी का साधन न होने से खाली प्लाटों में भर रहा है। इस समस्या को लेकर रोजाना स्थानीय लोगों में विवाद होता है।