कोंच। नगर के रामकुंड परिसर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें मुमताज नसीम और कोंच नगर की युवा कवयित्री ऋतु चतुर्वेदी सहित कई अन्य शायरों व कवियों ने एक से बढ़कर एक गजल, गीत, शायरी का पाठ किया। इस दौरान श्रोताओं ने तालियां बजाकर रचनाकारों की हौसला अफजाई की।
कवि सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत इटावा से आईं प्रसिद्ध कवयित्री योगिता चौहान ने मां सरस्वती की स्तुति से की। इसके बाद उन्होंने अपनी रचना पढ़ी। आया ख्याल तो कभी आकर नहीं गया, वो शख्स दिल में बस गया बाहर नहीं गया। लखनऊ के कवि प्रख्यात मिश्रा ने पढ़ा, राष्ट्र मिलकर लहू में बहे उम्र भर, मातृभूमि की जय हम करें उम्र भर। धौलपुर राजस्थान से आए रामबाबू सिकरवार ने पढ़ा, जो वतन की खातिर मिटे उनको सलाम है, जांबाज सैनिकों को कोटिश: प्रणाम है।
कोंच नगर की युवा कवयित्री ऋतु चतुर्वेदी ने अपनी रचना पढ़ी, शाम सुबह तलाश करती हूं, तुझसे मिलने की आस करती हूं, गोपियों की तरह निधिवन में, रोज आकर के रास करती हूं। ख्यातिनाम शायरा मुमताज नसीम दिल्ली ने अपनी शायरी प्रस्तुत की। आज इकरार कर लिया हमने, खुद को बीमार कर लिया हमने, अब तो लगता है जान जाएगी, तुमसे जो प्यार कर लिया हमने। कवि विनोद राजयोगी मैनपुरी, अरुण वाजपेयी कोंच, विकास बौखल बाराबंकी, रामकिशोर तिवारी बाराबंकी ने भी शानदार रचनाएं प्रस्तुत की।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक मूलचद निरंजन, उरई सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सत्येंद्र निरंजन शीलू ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन किया। सम्मेलन के आयोजक और वरिष्ठ कवि सुनीलकांत तिवारी, अनिल नगाइच, साकेत शांडिल्य, अरुण मिश्रा, राजा तिवारी, किशोर पाठक, श्रीकांत तिवारी आदि मौजूद थे। मंच संचालन रामकिशोर तिवारी ने किया।