उरई। पड़ोसी के घर में घुसकर मारपीट करने पर किशोर न्याय बोर्ड की मजिस्ट्रेट अनुकृति संत ने किशोर को दोषी पाते हुए एक महीने तक स्टेशन पर शारीरिक श्रम करते हुए यात्रियों को पानी पिलाने के कार्य से दंडित किया है। इसके साथ ही किशोर पर 7,600 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन अधिकारी हिमांशु सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2020 में पड़ोसी के घर में घुसकर किशोर व उसके परिजनों ने मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था। पुलिस ने किशोर समेत उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एससी एसटी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में युवक किशोर पाया गया था। तब उसकी फाइल को किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया गया था। जिसका ट्रायल प्रधान किशोर न्याय बोर्ड में तीन साल से चल रहा था।
शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई, जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों बयानों और सबूतों के आधार पर किशोर दोषी पाया गया। साथ ही उसने अपना जुर्म भी कबूल किया। जिस पर प्रधान मजिस्ट्रेट अनुकृति संत ने किशोर को दोषी पाते हुए एक माह के लिए रेलवे स्टेशन पर सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक समाजसेवा करने और यात्रियों को पानी पिलाकर सुधरने का मौका दिया। किशोर के ऊपर 7600 रुपये जुर्माना लगाया है।