उरई। रिश्वत लेते पकड़े गए टीडीएम को टीम सोमवार की रात लखनऊ ले गई। जहां उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं शिकायतकर्ता ठेकेदार का कहना है कि अधिकारी उसे एक माह से अधिक समय से पैसों को लेकर परेशान कर रहा था। इसके लिए उसने कई बार निवेदन किया, लेकिन वह फिर भी नहीं माना।
कानपुर देहात के शिवराजपुर के रहने वाले टीडीएम वेदप्रकाश को एक वर्ष पहले उरई में तैनाती मिली। लेकिन वह अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में रहता था। वह अक्सर कर्मचारियों को बेवजह की परेशान करता था। जिस पर एक माह पहले विभाग के कुछ कर्मचारियों ने प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर मुख्य महाप्रबंधक लखनऊ और झांसी में मंडलीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही शहर कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्रनगर निवासी रवींद्र पांचाल भी डकोर ब्लाक कार्यालय में ओएलटी मशीन लगवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे थे। लेकिन टीडीएम वेदप्रकाश उनसे 25 हजार की मांग कर रहे थे। जिसकी शिकायत ठेकेदार ने सीबीआई के अधिकारियों से की। जिस पर सोमवार शाम सीबीआई की एसीबी टीम डिप्टी एसपी संदीप पांडेय की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम उरई पहुंची और ठेकेदार को प्लान के तहत रुपये देने के लिए कहा। जैसे ही टीडीएम ने रुपये लिए टीम ने उसे पकड़ लिया।