- लाखों पौधे लगाने का दावा करने वाले विभागों की खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। पौधरोपण कार्यक्रम के तहत जिले के विभागों को पौधों का वितरण किया गया था, लेकिन पौधरोपण कार्यक्रमों के समापन के बाद अभी भी कई कार्यालयों के बाहर पौधे सूख रहे हैं। इससे अनुमान ही नहीं बल्कि विश्वास भी है कि विभागों को जो पौधे लगाने के लिए दिए गए थे, वह लगे ही नहीं हैं।
वन विभाग ने पौधरोपण करने के लिए जिले भर में जागरूकता अभियान चलाया था। इसमें सामाजिक संगठनों के साथ स्कूली बच्चों को भी शामिल किया गया था। जनपद में 94 लाख पौधरोपण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सरकारी विभागों के साथ सामाजिक संगठनों को पौध वितरण कर उन्हें लगवाने का निर्देश दिए गए थे। पौधरोपण कार्यक्रम के कई दिनों बाद नतीजा यह है कि लाखों पौधे लगाने का दावा करने वाले विभागों की पौध उनके कार्यालयों में ही सूख रही है।
बिजली विभाग ने तो कुछ पौधे कचरे में फेंक दिया। उन्हें पेड़ पौधों से कोई लेना देना नहीं। वन विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष दोनों विभागों को पौधे दे दिए थे। लेकिन इन विभागों ने पौधे लगाने की जगह उन्हें सूखने के लिए छोड़ दिया।
फोटो-04 उद्योग विभाग के बाहर रखे पौधे।संवाद
उद्योग विभाग के बाहर भी रखे पौधे
उद्योग विभाग को 34194 का लक्ष्य शासन से आवंटित हुआ था। जिसके सापेक्ष वन विभाग ने विभाग को पौधे दे दिए थे। लेकिन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पौधे लगाना भूल गए। जो पौधे मिले थे उन्हें सूखने के लिए विभाग के बाहर रख दिया गया।
फोटो-05 बिजली घर में रखे पौधे सूखने लगे। संवाद
बिजली घर में फेंक दिए गए पौधे
बिजली विभाग को 14700 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। पौधे भी विभाग को मिल गए थे। कालपी रोड बिजली घर के अंदर दो जगहों पर रखे पौधे सूख रहे हैं। इसमें एसडीओ कार्यालय के सामने रखे पौधे तो झाड़ियों में फेंक दिए गए हैं। जिसमें कुछ पौधे टूटकर खराब भी हो चुके हैं। दूसरी तरफ जेई के कार्यालय के बाहर रखे पौधे भी अपना हरा रंग खोकर सूखने वाले हैं। जिन्हें न पानी मिल रहा है न उन्हें लगाया जा रहा है।
वर्जन-
इसकी जानकारी हुई है। संबंधित अधिकारियों से बात कर पौधों को लगवाया जाएगा। इस तरह पौधों को बर्बाद नहीं किया जा सकता है। -प्रदीप कुमार, डीएफओ, वन विभाग