कुठौंद। ब्लॉक क्षेत्र में 20 से अधिक गांवों की 400 एकड़ से अधिक भूमि नहरों से सींची जाती है। रबी की बुआई के समय नहरों में पानी न आने से किसान पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।
किसान नकुल सेंगर सुभाष दीक्षित, गुड्डन पांडे और अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि खेत बगैर पलेवा बुआई करने लायक नहीं हैं।
कुठौंद, दौलतपुर, जुगराजपुर, रणधीरपुर, धर्मपुरा, हदरुख, खेड़ा, मिहोना, शंकरपुर, नहाली, मदनेपुर, बिजवाहा, भोजापुर, हरसिंहपुर आदि के किसान पलेवा के लिए नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।
किसान कमलेश, राकेश राजपूत, सुशील शुक्ला ने कहा कि पिछले वर्षों में
15 नवंबर तक नहरों की सफाई करा दी जाती थी। इसके बाद पानी छोड़ दिया जाता था। इस बार कुठौंद शाखा से निकली छोटी माइनर और रजवाहों की सफाई नहीं कराई गई है।
उधर, कुठौंद साख के दौलतपुर, बघावली रजवाहा जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। इससे नगर में पानी आने पर आसपास के खेतों में भर जाता है।
किसानों ने बताया है कि दौलतपुर रजवाहा में कई वर्षों से टेल तक नहीं पहुंचा है। बेतवा नहर के अधिशासी अभियंता धर्मपाल का कहना है नहरों की सफाई का कार्य चल रहा है। दो-तीन दिन में सफाई का कार्य हो जाएगा।