उरई। अपर जिला न्यायाधीश राजीव सरन की अदालत में एक प्लंबर को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी को छह साल की सजा सुनाई है। उस पर सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास होगा।
शासकीय अधिवक्ता अनूप उपाध्याय ने बताया कि कुठौंद थाना क्षेत्र के पतराई निवासी पप्पू ने पुलिस को तहरीर दी। पीड़ित ने उसमें बताया कि दो जून 2021 को उसका बेटा महावीर गांव के बाहर भगवान शंकर के मंदिर के पास बनी पुलिया पर बैठा था। वहां उसके ही गांव का राघवेंद्र शराब पीकर आया। महावीर से मोबाइल देने को कहने लगा। मना किया तो राघवेंद्र ने महावीर के साथ मारपीट कर दी। उसे चाकू मार दिया और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। पुलिस ने पहले मारपीट में रिपोर्ट लिखी। लेकिन बाद में महावीर की उस चाकू के घाव के कारण ही जान चली गई।
पुलिस ने राघवेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाते हुए विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। उससे पहले राघवेंद्र भी गिरफ्तारी के डर से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुका था। मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई और राघवेंद्र को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया।