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हर साल बढ़ता है भूरेश्वर महादेव शिविलिंग

Sat, 05 Mar 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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सरावन स्थित भूरेश्वर मंदिर का शिवलिंग। - फोटो : अमर उजाला
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माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम सरावन के भूरेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग हर वर्ष बढ़ता है। यही वजह है कि शिवलिंग की ऊंचाई 96 सेमी तक पहुंच गई है। शिवरात्रि पर्व पर लाखों श्रद्धालु यहां माथा टेक कर खुद को धन्य मानते हैं। इस शिवरात्रि पर भी यहां बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने अभी से मंदिर और शिवलिंग की साफ
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सफाई और श्रृंगार शुरू करा दिया है। सरावन के राजा वीरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मंदिर लगभग 1400 वर्ष पुराना है। रियासत राजा श्रवण देव हस्तिनापुर गए थे। शिव ने स्वप्न देकर गांव में शिवलिंग स्थापित करने को कहा। राजा ने छोटी मूर्ति लेकर आए थे, इसी स्थान पर मूर्ति रख दी थी। शिवलिंग को दूसरी जगह स्थापित कराना चाहा, परंतु मूर्ति नहीं उठी। तभी से

यह शिवलिंग इसी जगह स्थापित है। राजा श्रवण के नाम पर गांव का नाम पुराने कागजों में दर्ज है, लेकिन धीरे धीरे गांव का नाम सरावन बन गया।  शिवलिंग सफेद होने के कारण इस मंदिर का नाम भूरेश्वर महादेव पड़ गया। बाराबंकी जिले के रामनगर में स्थित लोधेश्वर महादेव में लाखों कांवरिया जाते हैं। जल चढ़ाकर लौटते वक्त सरावन में स्थित भूरेश्वर महादेव में जल
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चढ़ाने के बाद ही भक्त अपने गांव को जाते हैं। ग्रामीण रोहित सिंह, प्रद्युम्न सिंह, अनिल याज्ञिक, कमलेश राठौर, प्रदीप सिंह बताते हैं कि मंदिर को वर्षों से ऐसे ही देखते आ रहे हैं। मुख्य द्वार

पूर्व, निकास दक्षिण व आगमन उत्तर की ओर है। छत चार खंभों पर है। शिवलिंग को लेकर बताया जाता है कि सुबह, दोपहर व शाम अलग-अलग आभास होता है। शिवरात्रि से मंदिर पर मेला लग जाता है। वहीं, एक माह के लिए रियासत के राजा मेला लगवाते हैं।

शिवरात्रि पर निकलेगी शिवयात्रा
महंत जमुनादास महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर सात मार्च को धार्मिक नगरी कालपी में शिवयात्रा निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। बताया कि मां बलखंडी देवी शक्तिपीठ कालपी धाम से दोपहर एक बजे शिवयात्रा शुरू होगी जो टरननगंज बाजार, रेलवे स्टेशन, यमुना के पावन तट, किले घाट, हरीगंज, बाईपास होकर सायंकाल वपिस होकर मंदिर में समाप्त होगी।
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