संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश जमानतदार को भारी पड़ गई। आरोपी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र कोर्ट में दाखिल करने के मामले में पुलिस ने जमानतदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंगरा निवासी राज पचौरी ने एक मुकदमे में आरोपी की जमानत ली थी। मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में विचाराधीन था। मुकदमे में आरोपी राजीव कुमार (निवासी वैशाली, बिहार) के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। जमानतदार राज पचौरी ने आरोपी को बचाने के लिए कोर्ट में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल किया था। वारंट की तामील के लिए नदीगांव थाना के उपनिरीक्षक हीरालाल राजपूत आरोपी के घर पहुंचे। वहां पता चला कि आरोपी जिंदा है और वह पिछले छह महीने से घर नहीं आया है। परिजनों ने इस संबंध में लिखित बयान भी दिया, जिसकी रिपोर्ट 12 मार्च 2026 को न्यायालय में पेश की गई। जांच में सामने आया कि जमानतदार राज पचौरी ने आरोपी को बचाने के लिए कोर्ट में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल किया था, जो जांच में गलत पाया गया।
मामले में न्यायालय ने जमानतदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सीओ शैलेंद्र बाजपेयी का कहना है कि गिरफ्तार जमानतदार के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं और अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।