सराफा व्यवसायियों ने गुरुवार को सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का भी तरीका अनोखा था। सराफा व्यवसायी अपने गले में डलिया टांगे फलों और सब्जियों को बेचते हुए सरकार के नए टैक्स नियम का विरोध करते दिखे। इस दौरान इन लोगों ने वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
साथ ही मौजूदा बजट में सोने के आयात पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने का विरोध किया। तहसील पहुंचकर सराफा व्यवसायियों ने एसडीएम संजय कुमार सिंह व सीओ कुलदीप सिंह को ज्ञापन देकर फैसला वापस लेने की मांग की।
एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के खिलाफ कई दिनों से सराफा कारोबारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद किए हैं जिससे सरकार को भी हर दिन करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। गुरुवार को सराफा कमेटी के अध्यक्ष रामकपूर स्वर्णकार की अध्यक्षता व मंत्री महेंद्र सोनी लला के संचालन में एक बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। इस दौरान मांगे न माने जाने तक अनिश्चित कालीन बाजार बंदी का ऐलान किया गया।
अध्यक्ष रामकपूर ने कहा कि सरकार के इस फैसले ने सराफा हितों पर कुठाराघात है। इसके बाद सराफा व्यवसायी अपने गले में डलियां टांग कर सड़कों पर निकल पड़े और सब्जी-फल बेचकर केंद्र सरकार के नए व्यवसायिक नियमों का विरोध किया। व्यवसायियों ने तहसील पहुंचकर वित्त मंत्री के विरोध में नारे लगाए। बाद में अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम व सीओ को ज्ञापन दिया।
इस दौरान रामकपूर, महेंद्र सोनी, नरोत्तम स्वर्णकार, सूर्यदीप सोनी, पवन खिलाड़ी, बिष्णु सोनी, आनंद, धीरज खोहा, कुलदीप सोनी, कमलेश कौशल, दीपक वोहरा, शैलेंद्र पटेल, महेंद्र सिरसा, परशुराम, सोनू तारबाले, जगदीश सर्राफ, चंदू सोनी, मनीष कौशल, आलोक कपूर, प्रवीण सोनी, सूरज बंगाली, दिनेशचंद्र, संजीव बॉबी, राकेशकुमार, मनोज चंदेरिया, अवधेश डीढा, रचिकांत सोनी, संतोष सोनी आदि लोग मौजूद रहे।