उरई। पंचायत सचिवों की ग्राम सचिवालय में उपस्थिति का रोस्टर जारी कर दिया गया है। सचिवों की मौजूदगी की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। कई सचिवों पर एक से अधिक पंचायतों का प्रभार है उसके मद्देनजर हर पंचायत के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं।
आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु, परिवार रजिस्टर की नकल व अन्य अभिलेखों में पंचायत सचिवों की रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है। पंचायत भवनों में बैठने वाले पंचायत सहायक ऑनलाइन आवेदन करेंगे। लगातार ऐसी शिकायत मिल रही है कि ग्राम पंचायत सचिव नियमित अपने पंचायतों में नहीं जाते हैं।
जिसकी वजह से आय, जाति, निवास, परिवार रजिस्टर की नकल जैसे आवेदनों में रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इसे लेकर डीएम ने डीपीआरओ को निर्देशित किया है कि वह ग्राम पंचायत सचिवों की पंचायत सचिवालयों में मौजूदगी सुनिश्चित करें, जिससे जरूरतमंद लोग परेशान न हों।
डीपीआरओ की ओर से जारी किए गए रोस्टर के मुताबिक, सचिव पंचायतों के रोस्टर के अनुसार वह दिवसवार और समयबद्ध तरीके से वहां मौजूद रहेंगे।
पंचायत सचिवों की मौजूदगी की सूचना वाले पेंटिंग के माध्यम से दीवार पर भी अंकित होगी। इसमें दर्शाया जाएगा कि किस दिन पंचायत सचिव किस पंचायत में कितनी देर रहेंगे। इसके अलावा दीवार पर बीडीओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी, एडीओ पंचायत, थानाध्यक्ष, हेल्पलाइन नंबर भी अंकित किए जाएंगे। पंचायत के विकास कार्यों, मनरेगा के कार्यों के अभिलेख पंचायत सहायकों के पास रहेंगे। जिससे कोई भी अधिकारी किसी भी वक्त उन अभिलेखों को देख सके। अभी तक सचिव के पास अभिलेख रहते थे। जिसकी वजह से उनके न रहने पर अभिलेख नहीं मिल पाते थे।
डीपीआरओ डॉ. डॉ अवधेश सिंह ने बताया कि 01 नवंबर से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। पंचायत सचिव के पास जितनी भी पंचायतों का चार्ज है, वह वहां रोस्टर के अनुसार मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी की मानीटरिंग भी होगी। बिना उचित कारण के गैरमौजूद रहने वाले सचिवों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।