उरई। तहसील कालपी में सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने की। यह समाधान दिवस शनिवार को महाशिवरात्रि के कारण हुए अवकाश की वजह से सोमवार को आयोजित किया गया। समाधान दिवस में 43 शिकायतें आई। जिसमें पांच का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बिजली विभाग की सबसे अधिक शिकायत आने पर डीएम ने एसडीओ को फटकार लगाई।
डीएम ने कहा कि शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें जिससे लोगों को राहत महसूस हो। कहा कि प्रार्थना पत्रों का निस्तारण इस प्रकार से कराएं कि शिकायत कर्ता कार्रवाई से संतुष्ट हो जाएं। शिविर में सबसे अधिक शिकायतें बिजली विभाग की आने पर जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता आदर्श राज को अपने समक्ष बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने शिकायतें तत्काल प्रभाव से निस्तारित करने के निर्देश दिे। ग्राम पंचायत सर सेला के प्रधान मानसिंह के ने कहा कि उनकी पंचायत में जमीनों पर पर अवैध कब्जा हैं, इससे विकास बाधित हो रहा है। नगर के राव गंज निवासी रामनाथ ने जमीन पर कब्जे की शिकायत की। सुनवाई के दौरान एसडीएम अभिषेक कुमार, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएन शर्मा आदि मौजूद थे।
कोंच में आयोजित समाधान दिवस में महज आठ शिकायतें ही आईं जिनमें तीन का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी अभय कुमार श्रीवास्तव ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस की जानकारी न होने पर जालौन में भी सिर्फ नौ शिकायतें ही आईं। जिनमें पुलिस विभाग की सर्वाधिक 3 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा राजस्व व नगर पालिका की 2-2, डूडा व मंडी की 1-1 शिकायत दर्ज की गई। किसी भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। एसडीएम सना अख्तर ने तीन दिनों के अंदर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए।