कोंच (जालौन)। बाबा के निधन के बाद से अवसाद में चल रही एक किशोरी ने घर के एक कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह जब परिजनों ने यह देखा तो सदमे में आ गए और पुलिस को सूचना दी।
कोंच कस्बा निवासी हेमंत कुशवाहा के एक बेटा सागर (15) व बेटी अक्षिता (17) थी। चचेरे भाई शेखर ने बताया कि गांव भेड़ में एक रिश्तेदारी में तेरहवीं थी। इसलिए परिवार के साथ अक्षिता भी गांव आई थी। कोंच के ही जालौन रोड स्थित एक निजी विद्यालय में इंटरमीडिएट की छात्रा थी। 22 फरवरी से उसकी परीक्षाएं शुरू होनी थीं। उसकी तैयारी वह अपने कमरे में कर रही थी।
छोटे भाई सागर ने बताया कि तीन माह पहले बाबा हरे कृष्ण का निधन हो गया था। तबसे दीदी अवसाद में चल रही थी और हमेशा गुमसुम रहती थी। वह बाबा की लाडली थी। मानसिक रूप से परेशान चल रही दीदी पढ़ाई में भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही थी। सोमवार को वह पढ़ाई कर रही थी और उसी दौरान उसने कमरे में हुक से फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी मौत से मां रेखा का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी नागेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है।