उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी कम नहीं हो रही है। सोमवार की रात इस रेलमार्ग से आने वाली ट्रेन आठ घंटे देरी से आई। ट्रेनों के देर से आने की वजह से यात्री स्टेशन पर सर्दी में रात भर जागकर काट रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि जिस ट्रेन में हम लोगों का रिजर्वेशन है। वह रात 2.46 बजे के स्थान पर सुबह 10.36 बजे आठ घंटे 50 मिनट देरी से आ रही है। इससे पूरी रात स्टेशन पर गुजारनी पड़ रही है। बरौनी से एर्नाकुलम जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस तीन घंटे, ग्वालियर से बरौनी व बरौनी से ग्वालियर जाने वाली छपरा मेल एक घंटे, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस एक घंटे 40 मिनट, मुंबई से गोरखपुर जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस छह घंटे 49 मिनट देर से आई।
इसके साथ ही पनवेल से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन एक घंटे, मुंबई से सीतापुर जाने वाली सीतापुर एक्सप्रेस एक घंटा, पटना से इंदौर जाने वाली पटना इंदौर एक्सप्रेस दो घंटे, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक घंटा 30 मिनट देरी से पहुंची। दरभंगा निवासी संतोष व सोनू का कहना है कि मार्ग परिवर्तित होने से ट्रेन करीब 150 किलोमीटर घूमकर आ रही हैं। इससे ट्रेन विलंबित हैं। उन्हें अहमदाबाद पहुंचकर कल ड्यूटी करनी थी। ट्रेन की लेटलतीफी से कल ड्यूटी कैसे करेंगे।
झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि खराब मौसम होने की वजह से ट्रेनें देरी से चल रही हैं।