पाटन। गुवाहाटी से बांस लादकर निकले चालक का शव उसके ही गांव से दो किलोमीटर पहले कंटेनर में ही पड़ा मिला। कंटेनर से दुर्गंध आने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच की। शव देख शिनाख्त कराई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा सुरक्षित किया गया है।
बिहार थानाक्षेत्र के जालिमगंज निवासी रज्जन (42) कंटेनर चालक था। एक सप्ताह पहले गुवाहाटी से बांस लादने की बात कहकर निकला था। वह गुवाहाटी पहुंचा भी और बांस लादकर वहां से निकला लेकिन वह गंतव्यस्थल तक पहुंचा और न ही अपने घर। गुरुवार को कंटेनर बिहार थाना क्षेत्र से पांच सौ मीटर दूर और चालक के गांव से दो किलोमीटर दूर आकमपुर तिराहे के पास कंटेनर खड़ा मिला। उसके अंदर से दुर्गंध आने पर राहगीरों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और कंटेनर खोलने का प्रयास किया तो वह बंद मिला। बाद में उसका शीशा तोड़ा गया तो उसमें चालक का सड़ा गला शव पड़ा हुआ था। शव मिलने की सूचना पर भीड़ लग गई। पुलिस ने शिनाख्त कराने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, शव करीब तीन से चार दिन पुराना है। चोट का भी कोई निशान नहीं मिला हैं। बीमारी से मौत की संभावना है, लेकिन कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है। मृतक रज्जन के भतीजे कुलदीप ने बताया कि चाचा से किसी की दुश्मनी भी नहीं थी। मांग की है कि उनकी मौत की जांच हों। पति की मौत पर पत्नी रंजना देवी और बच्चों में नैंसी (12) व शिवा (4) बेहाल हैं।
सीओ विजय आनंद ने बताया कि कंटेनर के अंदर दुर्गंध आने की सूचना पर वह मौके पर गए थे। कोई चोट भी नजर नहीं आ रही थी। बाद में परिजनों ने आकर शिनाख्त की और शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
इंनसेट
छह मार्च को पत्नी से हुई थी फोन पर बात
मृतक की पत्नी रंजना ने बताया कि छह मार्च को पति से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने जल्द आने की बात कही थी। उसके बाद से लगातार फोन मिलाया गया लेकिन बंद जाने लगा। वह हरियाणा के एक ट्रांसपोर्टर की गाड़ी चलाते थे। ट्रांसपोर्टर का नंबर न होने से उसे संपर्क भी नहीं हो पाया। साथ ही बांस लेकर कहां जाना था यह भी पता नहीं है।