उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य समेत चार के खिलाफ अदालत के आदेश पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज स्टाफ की लापरवाही से महिला की मौत हो गई थी।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के पहाड़गांव निवासी वीरबहादुर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दायर किया था कि 5 नवंबर 2022 को उसकी बहन रोशनी सड़क हादसे में घायल हो गई थी। जिसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वीरबहादुर ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और 6 नवंबर की सुबह पांच बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आरोप लगाया कि उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ अजीत कुमार, स्टाफ नर्स डॉली वर्मा और दीप्ती शर्मा ने इलाज में लापरवाही बरती। जिसकी वजह से रोशनी की मौत हो गई। उसने इसकी शिकायत तत्कालीन प्राचार्य डॉ डी नाथ से भी लेकिन किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। उल्टा उसे धमकाया गया। उसने इसकी शिकायत पुलिस से भी की लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो उसने कोर्ट में 156 (3) के तहत वाद दायर किया। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और दो स्टाफ नर्स के खिलाफ धारा 304 ए, 504 और 506 में मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए। कोतवाल ने बताया कि सोमवार को इस मामले में चार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।