मस्जिद में इफ्तारी देने जातीं महक व महविश।
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मुहम्मदाबाद (जालौन)। माह रमजानुल मुबारक निहायती रहमत और बरकत वाला सब्र का महीना है। रमजान का महीना मोमिन के लिए रिज्क लेकर आता है। रमजान माह में रहमत के दरवाजे खुल जाते हैं। इस माह की एक रात ऐसी भी होती है जो 1000 महीनों से बेहतर है। जो इस रात में इबादत से महरूम होता है, बेशक वह अल्लाह की रहमत से महरूम रहता है। हाफिज इकरामुल हुदा कहते हैं कि रमजान माह के शुरू होते ही अल्लाह की नेअमत और रहमत की बारिश शुरू हो जाती है। वह कहते हैं कि रोजेदार के लिए दो खुशियां होती हैं-एक इफ्तार के वक्त, दूसरी नमाज में सज्दे के दौरान रब से मिलने के वक्त।