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प्रेमानंद अपने मुख से कह चुके मुझे संस्कृत नहीं आती : मिथलेश

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फोटो 32-पत्रकारों से बातचीत करते मिथलेश दास महाराज। संवाद - फोटो : samvad
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कोंच (जालाैन)। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के शिष्य आचार्य मिथलेश दास महाराज ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा पिछले दिनों संत प्रेमानंद महाराज को लेकर कही गई बात पर कहा कि उन दोनों के बीच कोई विवाद ही नहीं है। विवाद तो तब होता जब जगद्गुरु द्वारा कही गई बात के प्रत्युत्तर में प्रेमानंद महाराज की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती। गढ़ी स्थित गणेश पंडाल में उन्होंने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ज्ञान मार्गी हैं और संत प्रेमानंद भक्ति मार्गी। ज्ञान परीक्षा लेता भी है और परीक्षा देता भी है जबकि भक्ति न परीक्षा लेती है और न ही देती है। ज्ञान की पीठ पर बैठकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बात कही है कि संत प्रेमानंद को संस्कृत का ज्ञान नहीं है। स्वयं प्रेमानंद कई बार अपने मुख से कह चुके हैं कि वह केवल कक्षा आठ तक पढ़े हैं और उन्हें संस्कृत नहीं आती।
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