उरई। दो सीओ समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के न्यायालय के आदेश के खिलाफ पुलिस महकमा न्यायालय में अपील करेगा। पुलिस महकमे के आला अधिकारियों का कहना है कि सक्षम न्यायालय के सामने इस मामले से जुड़े सभी तथ्य प्रस्तुत किए जाएंगे। मृतक के खिलाफ मुकदमा लिखाने और मृतक के खिलाफ चार्जशीट लगाने के मामले में दो सीओ समेत सात लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने अभी इस मामले में मामला दर्ज नहीं किया है। पुलिस की इस लापरवाही की शिकायत कदौरा क्षेत्र के चतेला पूर्व प्रधान इदरीश ने कोर्ट में की थी। कोर्ट के आदेश की सूचना पर हड़कंप मचा हुआ है।
मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता हेमंत द्विवेदी ने बताया था कि कदौरा थाना क्षेत्र के चतेला के पूर्व प्रधान इदरीश के पुत्र कासिम की मृत्यु 15 दिसंबर 2003 को हो गई थी। इसके बावजूद गांव के ही रामसिंह की तहरीर पर 13 जुलाई 2020 को चतेला के पूर्व प्रधान और उसके बेटे कासिम के खिलाफ एससीएसटी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। यही नहीं मामले की विवेचना कर रहे तत्कालीन सीओ प्रथम राजीव प्रताप सिंह और सीओ द्वितीय संतोष कुमार ने की और बिना जांच पड़ताल के मृतक बेटे के खिलाफ भी अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार रावत ने ने तत्कालीन सीओ कालपी और विवेचक राजीव प्रताप सिंह (आरपी सिंह), सीओ संतोष कुमार, वादी मुकदमा रामसिंह, रामसिंह के पुत्र ज्ञानसिंह, मुन्ना और उसकी पत्नी हीराकली, मुन्ना के भाई विजय पाल निवासी चतेला समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। इस आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। कदौरा थाना प्रभारी उमाकांत ओझा के मुताबिक क़ासिम उर्फ परवेज खुद को मृत दिखाकर फरार चल रहा था। उस पर 25 हजार का इनाम भी था। उसे इसी साल 23 फरवरी को गिरफ्तार करके जेल भेज गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले से अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इस मामले में एसपी डॉ ईरज राजा ने बताया कि वह इस मामले में सभी कानूनी पहलुओं को समझ रहे हैं, इसके बाद वह सक्षम कोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने इस केस से संबंधित जो भी तथ्य हैं सभी न्यायालय के सामने रखे जाएंगे।