उरई (जालौन)। सिपाही के हत्यारोपी की पत्नी को दिए वचन को निभाकर पुलिस टीम ने एक अनोखा काम कर अलग छवि प्रकट की है। मुठभेड़ में जिन दो हत्यारोपियों को पुलिस ने ढेर किया था, उसमें मुख्य आरोपी की पत्नी ने पुलिस से सामने गिड़गिड़ाते हुए बेटी की शादी की चिंता जताई थी। एक मां की बेबसी देख उसकी बेटी की शादी की जिम्मेदारी मुठभेड़ करने वाली पुलिस टीम ने ली थी और नौ महीने बाद उसे पूरा कर दिया।
10 मई 2023 को शहर कोतवाली क्षेत्र के हाईवे चौकी के पास सिपाही भेदजीत सिंह ड्यूटी में तैनात थे। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार दो चोर बाइक से वारदात कर भाग रहे थे। उनके चेहरे पर जब सिपाही ने टॉर्च लगाई तो आरोपियों ने उस पर नुकीले पत्थर से हमला कर दिया। सिर कूचकर बेरहमी से सिपाही की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के चार दिन बाद पुलिस ने हत्या करने वाले मुख्य आरोपी रमेश रायकवार और उसके साथी कल्लू अहिरवार को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। हत्यारोपी रमेश रायकवार की दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी परवरिश की चिंता ने रमेश की पत्नी तारा को सदमे में डाल दिया था। उसके आंसू और उसकी चिंता को देख जालौन पुलिस ने बच्चों की जिम्मेदारी ले ली थी।
पुलिस टीम ने शनिवार की रात रमेश की बेटी शिवानी की शादी झांसी जनपद के मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम मगरौरा के रहने मलखान के बेटे मोनू रायकवार से कराई। मुठभेड़ करने वाली टीम में सीओ गिरजा शंकर त्रिपाठी, कोतवाल शिव कुमार राठौर, सिपाही अमित दुबे और टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। टीम ने अगवानी करते हुए बारात का स्वागत किया। शादी की पूरी व्यवस्था पुलिस की ओर से थी।
उपहार के रूप में पुलिस ने बाइक, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी, कूलर, अलमारी, सोफा, पलंग, अलमारी, गैस चूल्हा, 51 बर्तन, मोबाइल के साथ जेवर भी दिये। दुल्हन शिवानी ने कहा कि पुलिस के इस काम से वह बहुत खुश हैं। पिता ने जो किया था, उसकी सजा उन्हें मिली। मां तारा ने कहा कि पुलिस ने वचन निभाया।