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Jalaun News: मेमू में क्षमता से अधिक पहुंचे यात्री, रोकी गई

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उरई। झांसी दतिया सेक्शन के तीसरी लाइन के काम के चलते झांसी कानपुर रूट की कई ट्रेनों को निरस्त किया गया है।
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इसका असर इस मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी पड़ रहा है। रविवार को दिन की ट्रेनों में मेमू ही रही। जिसकी वजह से मेमू में इतनी ज्यादा भीड़ आ गई कि आरपीएफ को मोर्चा संभालना पड़ा। आरपीएफ ने कंट्रोलरूम को मैसेज कर ट्रेन को करीब सात मिनट अतिरिक्त रोका। तब यात्री चढ़ पाए।
झांसी कानपुर रेलमार्ग से रोजाना 1500 से 1800 यात्री सफर करते हैं। रेलवे को रोजाना तीन लाख से अधिक की सामान्य टिकट से आय होती है। इस समय कई सेक्शन में ट्रैक मेंटीनेंस का काम चल रहा है। लखनऊ मंडल और झांसी मंडल में हो रहे ट्रैक मेंटीनेंस के काम के कारण इस रूट की ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। दिन की अधिकांश ट्रेनें अलग-अलग दिनों में या तो निरस्त कर दी गई है या फिर उनका रूट डायवर्ट कर दिया गया है। जिसकी वजह से इस मार्ग पर इक्का दुक्का ट्रेनें ही निकल रही हैं। इससे यात्री परेशान हो रहे हैं।
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रविवार को कानपुर से झांसी जाने वाली मेमू नंबर 01814 में यात्रियों की भीड़ रही। इसकी वजह से ट्रेन को अतिरिक्त रोकना पड़ा। ट्रेन 12.10 बजे उरई पहुंची और भीड़ के कारण 12.20 बजे रवाना हुई। इसी तरह चेन्नई लखनऊ एक्सप्रेस, बरौनी ग्वालियर मेल, पनवेल गोरखपुर में भी यात्रियों की भीड़ रही। जिसकी वजह से इन ट्रेनों को भी अतिरिक्त रोकना पड़ा। भीड़ के कारण आरपीएफ भी सतर्क रही। आरपीएफ जवान लगातार कंट्रोल के संपर्क में रहे और सीसीटीवी से गतिविधियां देखते रहे।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि इस समय ट्रेनों के निरस्तीकरण और रूट डायवर्जन के कारण ट्रेनों में भीड़ बढ़ रही है। जिसकी वजह से मेमू को अतिरिक्त रोका गया। यात्रियों को सुरक्षित ट्रेनों में सवार कराया जा रहा है।

नया पटेलनगर निवासी हामिद ने बताया कि उनको झांसी से बांद्रा जाना था। झांसी से ट्रेन पकड़ने के लिए वह मेमू में सवार होने पहुंचे लेकिन ट्रेन में इतनी अधिक भीड़ थी कि उन्हें नहीं लग रहा था कि ट्रेन में बैठ पाए। अतिरिक्त ट्रेन रुकी होने के कारण वह ट्रेन में सवार हो पाए।
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बड़ागांव निवासी अभिषेक व विशाल ने बताया कि ट्रेन के मुकाबले बस का किराया तीन गुना है। मेमू से झांसी केवल 50 रुपये में पहुंच जाते हैं। जबकि रोडवेज बसों में 200 रुपये किराया लग जाता है। इसलिए वह लोग ट्रेन का सफर पसंद करते हैं, लेकिन भीड़ के कारण मुश्किल हो रही है।
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