कदौरा। ब्लॉक क्षेत्र के इटौरा बावनी व परौसा गांव के पंचायत भवन जर्जर होने के कारण ग्रामीणों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। ग्रामीण आय,जाति, मूल निवास, परिवार रजिस्टर आदि के लिए चार से छह किलोमीटर कदौरा के चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। ग्रामीणों ने इसकी कई बार शिकायत भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई हैं।
रामफल, रामगुलाम, सियाराम आदि ग्रामीणों का कहना हैं कि इटौरा बावनी व परौसा पंचायत भवन जर्जर है। शासन ने पंचायत भवन में रखा जाने वाला कंप्यूटर आदि सामान ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराया है। सामान कहा गया। इस बात की भनक किसी को नही हैं। एक वर्ष से नियुक्ति के बाद पंचायत सहायक भी यदाकदा ही देखे जाते है। ताज्जुब वाली बात है कि पंचायत सहायक का वेतन हर माह निकाला जाता हैं।
जो ग्राम पंचायतों में में चर्चा का विषय बना हुआ है। इटौरा बावनी प्रधान राजकुमार यादव व परौसा प्रधान श्रीराम कुशवाहा का कहना है कि भवन जर्जर होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई है। आंगनबाड़ी केंद्र में सामान रखा है। एडीओ पंचायत संतोष गौतम का कहना हैं कि जर्जर पंचायत भवन को ध्वस्त करवाने एवं नया भवन बनवाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को पत्र भेजा हैं। पंचायत सहायक अगर कार्य नहीं करते हैं तो उसकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।