माधौगढ़। खेतों में बारिश का पानी भरा होने से धान की कटाई नहीं हो पा रही है। साथ ही नई फसल के लिए बुआई भी शुरू नहीं हो पा रही है। धान किसानों का कहना है कि समय पर उपज की कटाई न होने से इस बार यह घाटे का सौदा हो गया है।
अक्तूबर माह में मूसलाधार बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। खेत से पानी निकालने के लिए कई किसान पंपिंगसेट का सहारा ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेत से पानी निकालने के 20 दिन बाद बुआई शुरू हो पाएगी। वहीं, जिन खेतों में धान की फसल खड़ी है, वहां पानी भरे होने से कटाई कराने में समस्या है।
धान किसान शिवपाल सिंह, अवधेश सिंह का कहना है कि पानी भरा होने से पकी फसल गिर रही है। खेत में पानी भरे होने से समय से कटाई नहीं हो पा रही है। फसल बचाने के लिए मजदूरों से कटाई भी महंगी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि इस बार धान की फसल घाटे का सौदा साबित हो रही है।