उरई/सिरसाकलार। सिरसाकलार थाना क्षेत्र के जखा गांव में जमीनी विवाद में वृद्ध को उसके परिवार के ही लोगों ने लाठी, डंडों और सब्बल से मारपीट कर मरणासन्न कर दिया। बचाने दौड़े वृद्ध के बेटे व नातिन को भी हमलावरों से घायल कर दिया। घटना से अफरा तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां वृद्ध को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर सीओ थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
थाना क्षेत्र के जखा गांव निवासी गुलाब सिंह के पास 12 बीघा जमीन थी। उनका निधन हो जाने पर तीनों बेटों परशुराम (65), भोले (48) व रामकरन (45) के पास तीन तीन बीघा जमीन आ गई। जबकि तीन वीघा जमीन पत्नी बुद्धा देवी के पास आई। पत्नी छोटे बेटे रामकरन के साथ रहती हैं। इस पर वह दस हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से अपनी मां को देता था, लेकिन मंगलवार को परिवार के ही अवध बहादुर उर्फ सांड बाबा ने इस जमीन को तेरह हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से ले लिया।
जानकारी पर परशुराम और अवध बहादुर में बहस होने लगी। बात इतनी बढ़ गई कि अवध बहादुर ने लगभग पांच लोगों के साथ मिलकर परशुराम को लाठी, डंडों व सब्बल से मारना शुरू कर दिया। इससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वृद्ध को बचाने दौड़े उसके बेटे चतुर सिंह (35) व नातिन नेहा के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। इससे वह जमीन पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से चीख पुकार मच गई।
जानकारी पर पहुंची पुलिस ने सभी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां परशुराम को मृत घोषित कर दिया। वृद्ध की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि परशुराम के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा चतुर सिंह के साथ गांव में ही रहकर खेती किसानी करता था। छोटा बेटा बाहर रहता है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से भाग गए। जानकारी पर सीओ रामसिंह थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। बताया कि जमीनी विवाद को लेकर मारपीट हुई है। जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।