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Jalaun News: गोवंशों को भरपेट भोजने देने के लिए अब बजट दोगुना

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उरई/कदौरा। गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों को भरपेट चारा देने के लिए ग्राम पंचायतों के राज्यवित्त से पैसा लिया जाएगा। इसके लिए पूलिंग फंड बनाया गया है। इस फंड में प्रत्येक ग्राम पंचायत राज्यवित्त में मिलने वाली धनराशि का 15 फीसदी हिस्सा देगी। इससे प्रति गोवंश चारे का बजट लगभग 62 रुपये हो जाएगा।
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जिले में लगभग 400 गोशालाएं हैं और लगभग 35 हजार गोवंश इनमें संरक्षित हैं। कदौरा ब्लॉक क्षेत्र में 47 गोशालाओं में छह हजार के लगभग मवेशी हैं। इनके भरण पोषण के लिए चारे-दाने के लिए प्रति गोवंश 30 रुपये के हिसाब से बजट दिया जाता था।
भूसा, दाना आदि के दाम बढ़ने से इस धनराशि में गोवंशों का पेट भरना मुश्किल हो रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए शासन ने गोशालाओं में पूलिंग फंड बनाने के निर्देश दिए हैं। जिस गांव में गौशालाएं हैं, उनकी पड़ोसी ग्राम पंचायतों से इस फंड में पैसा लिया जाएगा।
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ग्राम पंचायत राज्य के बजट से 15 प्रतिशत धनराशि गोशालाओं के लिए बने पूलिंग फंड में दी जाएगी। फंड से प्रति गोवंश चारे आदि पर 32 रुपये खर्च किए जाएंगे। इस धनराशि के मिलने से प्रति गोवंश चारे-दाने आदि का बजट 62 रुपये हो जाएगा। कदौरा बीडीओ अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि गोशालाओं के आसपास की ग्राम पंचायतों से फंड मिलने पर गोशालाओं के संचालन में सहूलियत होगी।
गोवंशों को दिन में दो बार चारा खिलाया जाता है। एक समय में चार किलो भूसा, पांच किलो हरा चारा और एक किलो दाना दिया जाना चाहिए। 15 रुपये का दाना ( चूनी चोकर ) और 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 52 रुपये का भूसा देना पड़ेगा। सिर्फ एक समय की डाइट ही 67 रुपये की पड़ेगी। ऐसे में अभी भी गोवंशों को भरपेट चारा मिलना मुश्किल होगा।
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