उरई। आयुर्वेदिक विभाग के 43 अस्पतालों में अब मोबाइल एप से हाजिरी भरी जाएगी। साथ ही अस्पतालों में बायोमीट्रिक उपस्थिति भी अनिवार्य की जा रही है। इसका उद्देश्य चिकित्सक और स्टाफ की लेटलतीफी रोकना है, साथ ही समय से अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज उपलब्ध कराना है।
ज्ञात हो कि जिले में 41 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल और दो यूनानी चिकित्सालय हैं। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की ओर से आयुष हॉस्पिटल अटेंडेंस एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से चिकित्सक और स्टाफ की हाजिरी लगाई जा रही है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. सत्येंद्र पटेल बताते है कि अभी तक अटेंडेंस एप से जालौन नगर, इटौरा, बबीना, बाबली, चांदनी, छौंक, धंतौली, गधेला, हदरूख, हरदोई गूजर, नरी, कुसमिलिया, रुदपुरा, कोटरा व बंगरा के राजकीय अस्पतालों में ही हाजिरी लगाई जा रही है। शेष 28 में में बायोमीट्रिक उपस्थिति लगाने की तैयारी है।
इस एप से अस्पताल का प्रभारी मोबाइल से सभी स्टाफ की फोटो खींचकर एप से डाल देता है, उसी के अनुसार उसकी उपस्थिति लग जाती है। यह उपस्थिति सुबह और शाम दोनों समय लगानी पड़ती है। उसी के आधार पर उसके वेतन का निर्धारण होता है। उन्होंने बताया कि पहली अगस्त से झांसी मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे के निर्देश पर सभी अस्पतालों में बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है। इसके लिए सभी अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। जहां बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाई जाएगी, वहां का अगस्त माह का वेतन रोक दिया जाएगा। मंडलायुक्त के निर्देश से सभी स्टाफ को अवगत करा दिया गया है।
रात में न करें दही का सेवन, हो सकते है बीमार
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सत्येंद्र पटेल का कहना है कि बारिश के मौसम में रात को दही के सेवन नुकसानदायक होता है। रात में सही का सेवन करने से बीमार हो सकते हैं। इसलिए दही का सेवन करने से बचें। इसके साथ ही ऐेसे पदार्थों को खानपान में शामिल करें, जो जल्दी पचने वाले हों।