कदौरा। ब्लॉक की 68 ओडीएफ प्लस पंचायतों के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। जनसंख्या के हिसाब से बजट आवंटित किया जाएगा। विभिन्न कार्य होने के बाद ये पंचायतें जल्द ही चमकती हुई नजर आएंगी।
प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ठोस व तरल कचरे के निस्तारण के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बनाएं जाएंगे। जहां व्यवस्थित तरीके से कूड़े का निदान किया जाएगा। हर बड़ी ग्राम पंचायत में एक इलेक्ट्रिक कूड़ा गाड़ी के माध्यम से हर घर के दरवाजे से कूड़ा उठाया जाएगा। इसके लिए हर घर से एक रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 30 रुपये प्रतिमाह का शुल्क रखा जाएगा। छोटी ग्राम पंचायत में हाथ गाड़ी के माध्यम से कूड़ा उठाकर आरआरसी पहुंचाया जाएगा। जहां सुरक्षित निपटान हो सकेगा।
गांव से निकलने वाले गंदे पानी को साफ बनाने के लिए नालियों में सिल्ट कैचर एवं फिल्टर चैंम्बर बनाकर उचित तरीके से तालाबों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे कि इस पानी का प्रयोग खेतों की सिंचाई में हो सके। मलीय कचरा प्रबंधन हेतु लीच पिट बनाए जाएंगे तथा उससे निकलने वाली खाद से सब्जी एवं फसलों का उत्पादन किया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट विधि से गोबर की खाद बनाई जाएगी।
बीडीओ अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में पांच ग्राम पंचायत पहले से ओडीएफ प्लस हो चुकी है। अब 68 ग्राम पंचायतों के ओडीएफ प्लस होने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।