उरई। कोविड की तर्ज पर मोबाइल पर भी टीकाकरण की जानकारी ट्रैक की जा सकेगी। टीकाकरण के दौरान लाभार्थी के मोबाइल पर ओटीपी भी आएगी। इसके बाद उसका पंजीकरण हो जाएगा। इसके बाद जब भी उसका टीकाकरण होगा, पूरा ब्योरा मोबाइल और पोर्टल पर देखा जा सकता है। इसके छूटे हुए लाभार्थियों की संख्या में कमी आएगी। इस यूविन पोर्टल लांच होने के बाद छूटे हुए लाभार्थियों के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। फिलहाल छूटे हुए लाभार्थियों के लिए मिशन इंद्रधनुष जैसा अभियान चलाया जाता है।
भारत सरकार ने यूविन पोर्टल एवं एप शुरू किया है। इससे बच्चों का टीकाकरण व गर्भवती का कहीं भी टीकाकरण कराना आसान हो जाएगा। पोर्टल का ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ज्यादा फायदा मिलेगा। पोर्टल पर नजदीकी अस्पताल में टीकाकरण सत्र स्थल की भी जानकारी मिलेगी। साथ ही टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुक कर सकेंगे। यूविन को कोविन पोर्टल की तर्ज पर बनाया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक सोमवर को होटल में प्रशिक्षण दिया गया। पहले चरण में चिकित्सक, बीपीएम, बीसीपीएम व डाटा आपरेटर, डाटा हैंडलर को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद इस पोर्टल से सर्टिफिकेट भी डाउनलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर बच्चों के टीकाकरण के साथ गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। पंजीकरण के बाद टीकाकरण के लिए ई-कार्ड जारी हो जाएगा। ई-कार्ड पर टीकाकरण की पहले वाली वैक्सीन की तारीख और आगामी तारीख भी देखी जा सकेगी। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद लोगों को अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अपनी मनचाही जगह पर टीकाकरण करा सकता है। प्रशिक्षण में डब्लूएचओ की एसएमओ डॉ. अन्विता मिश्रा, एआरओ आरपी विश्वकर्मा, एचईओ अरविंद सिंह, हरिओम त्रिपाठी, विनीत कुमार, रवींद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
कहीं भी कराए टीकाकरण, पूरा ब्योरा होगा रिकार्ड
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. डीके भिटौरिया ने बताया कि बच्चों को बीसीजी, हैपेटाइटिस, पोलियो समेत अन्य टीकाकरण किया जाता है। अभी गर्भवती और बच्चे के टीकाकरण की जानकारी जच्चा-बच्चा सुरक्षा कार्ड (एमसीपी) और एएनएम के पास रजिस्टर में होती है। ऐसे में टीकाकरण के लिए उसी केंद्र पर जाना पड़ता था। हालांकि दूसरी जगह जाने पर टीकाकरण हो तो जाता, लेकिन इसमें परेशानी उठानी पड़ती थी। अब यूविन पोर्टल से प्रक्रिया ऑनलाइन होने से टीकाकरण में आसानी होगी। अब कोई भी लाभार्थी यदि किसी दूसरे शहर या राज्य में जाकर अपनी मनचाही जगह पर टीकाकरण करा सकता है। उसकी टीकाकरण की जानकारी पोर्टल पर दर्ज होती जाएगी। इससे उसका किसी तरह का टीकाकरण छूटेगा नहीं।