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Jalaun News: पालिका की बढ़ेगी लाइसेंस फीस, गेस्टहाउस देंगे दस हजार सालाना

Wed, 15 May 2024 02:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। नगर पालिका ने व्यावसायिक भवन गेस्ट हाउस पर लाइसेंस शुल्क बढ़ा दिया है। ये शुल्क पुराने के साथ जो नया लाइसेंस लेगा, उससे भी वसूला जाएगा। पालिका के जरिए नए लाइसेंस का गजट शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। गजट होने के बाद शुल्क बढ़ाकर लिया जाएगा। फिलहाल पालिका नए व्यावसायिक भवनों के लाइसेंस पर शुल्क को बढ़ाने के लिए डाटा इकट्ठा कर रही है। एक सप्ताह में इस काम को भी पूरा कर लेगी।
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लाइसेंस शुल्क के नाम पर पालिका अभी तक गेस्ट हाउसों से दो हजार रुपये लेती थी। जो एक साल के लिए होता था। एक साल बाद फिर से लाइसेंस शुल्क देना होता था। लेकिन 2024-25 वित्तीय वर्ष में शुल्क बढ़ा दिया गया है। लाइसेंस शुल्क की दरों को रिवाइज कर दिया गया। पालिका अब दो हजार की जगह दस हजार रुपये लेगी। इसके दायरे में करीब 100 गेस्ट हाउस आएंगे। जो अब लाइसेंस के लिए दस हजार रुपये चुकाएंगे। शुल्क बढ़ाने के बाद शासन को गजट भेजने की तैयारी हो रही। गजट भेजने में देरी नए व्यावसायिक भवनों को शामिल करने के कारण हो रही है। जैसे ही सभी भवनों पर शुल्क की दरें बढ़ जाएगी। तुरंत शासन को गजट भेज दिया जाएगा। शुल्क बढ़ जाने के बाद नगर पालिका के खजाने में बढ़ोतरी होगी।

इन व्यावसायिक भवनों को लिया जाएगा जद में-
नगर पालिका ने अभी गेस्ट हाउसों का शुल्क बढ़ाया है। इनकी सूची तैयार की है। बाकी अन्य व्यावसायिक भवनों की सूची तैयार हो रही है। इस सूची में हर चीज को अलग रखा जाएगा। शहर में किस चीज की कितनी दुकानें है। इसकी भी जानकारी हो सकेगी। उन पर भी कर निर्धारित किया जा सकेगा। इसमें शराब की दुकानें, बीयर की दुकानें, मेडिकल स्टोर, पैथोलॉजी, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, होटल, क्लीनिक को शामिल किया गया है। इनकी भी लाइसेंस शुल्क बढ़ेगा। कर निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह की की मानें तो पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, होटल, शराब की दुकानों की भी फीस करीब दस हजार रुपये बढ़ाई जा सकती है। अभी कागजों को तैयार किया जा रहा है।
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खजाने में होगी बढ़ोतरी
नगर पालिका अभी 70 से 75 गेस्ट हाउसों से लाइसेंस शुल्क करीब 1.50 लाख रुपये वसूलती है। शुल्क बढ़ने के बाद लगभग आठ लाख रुपये लेगी। बाकी अन्य भवनों से भी 15 से 20 लाख तक की बढ़ोतरी होगी। इससे पालिका के खजाने में करीब 25 से 30 लाख रुपये बढ़ जाएंगे। यह प्रक्रिया करीब दो माह में पूरी हो जाएगी।

वर्जन-
अभी तक काफा पुराना लाइसेंस शुल्क लिया जाता था। इस लिए शुल्क को बढ़ा दिया गया है। गेस्ट हाउसों की सूची बन गई है, बाकी भवनों की बन रही है। जैसे ही बन जाएगी, उसके बाद तुरंत गजट के लिए शासन को भेजी जाएगी। शासन से पास होने के बाद बढ़कर शुल्क लगेगा। इससे पालिका के खजाने में बढ़ोतरी होगी। संचालकों को अच्छी सुविधा भी मिल सकेंगी। -गणेश प्रसाद, कर अधीक्षक, नगर पालिका
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