उरई। कोरोना काल में बढ़ाए गए मेमू व पैसेंजर ट्रेनों का बढ़ा हुआ किराया रेलवे ने वापस ले लिया है। अब फिर से यात्री कानपुर 25 रुपये, झांसी 30 रुपये और लखनऊ 45 रुपये में पहुंचेंगे। 22 फरवरी की रात 12 बजे से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे यात्रियों को राहत मिली है। यात्रियों ने इसे अच्छा कदम बताया है।
बता दें कि कोरोना काल में ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद धीरे धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। कोरोना के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए मेमू और पैसेंजर जैसी ट्रेनों में भी मेल व एक्सप्रेस का किराया लिया जा रहा था। धीरे-धीरे सभी ट्रेनों के संचालन बहाल कर दिया गया लेकिन किराया कम नहीं किया गया था। कई लोग पुराने किराये को लागू करने की मांग कर रहे थे।
अब सरकार ने पुराने किराये पर ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया है। नई व्यवस्था लागू भी कर दी गई है। इसके तहत झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर न्यूनतम किराया दस रुपये लगेगा। दस रुपये में उरई से आटा, उसरगांव व कालपी तक की यात्रा की जा सकती है। वहीं, उरई से भुआ और एट स्टेशन तक दस रुपये किराया लगेगा। इन स्टेशनों की दूरी उरई से करीब तीस-तीस किलोमीटर है। वहीं, अब झांसी का किराया 30 रुपये लगेगा। पहले यह किराया 55 रुपये लगता था। इसी तरह कानपुर तक का सफर अब पच्चीस रुपये मे किया जा सकेगा। जबकि पहले यात्रियों को पचास रुपये देने पड़ते थे। वहीं लखनऊ का किराया पहले 75 रुपये देना पड़ता था। अब पैसेंजर ट्रेन से केवल 45 रुपये में लखनऊ पहुंच सकेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के किराये में नहीं हुआ बदलाव
रेलवे ने पैसेंजर ट्रेनों में किराये की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है। जबकि कोरोना काल मेंं वरिष्ठ नागरिकों को किराये में दी जा रही छूट समाप्त कर दी थी। पहले महिला यात्री को किराये में पचास प्रतिशत और पुुरुष यात्री को चालीस प्रतिशत की छूट मिलती थी। अब रेलवे ने पैसेंजर ट्रेन में तो पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के किराये की छूट की पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की है।
लोगों की बात
इंदिरानगर निवासी निक्की यादव ने बताया कि वह कानपुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। हफ्ते में दो तीन दिन आना जाना हो जाता है, पहले कानपुर पचास रुपये में पहुंचते थे। अब 25 रुपये में ही पहुंच जाएंगे। जो लोगों के लिए राहत भरा कदम है। राठ के अवधेश सिंह का कहना है कि वह वह कानपुर काम से जा रहे हैं। उसे किराये में कटौती का पता नहीं था। काउंटर पर उसने पचास रुपये दिए और चलने लगा तो काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने बुलाकर उसे 25 रुपये वापस कर दिए। किराये की छूट का फैसला बहुत खुशी की बात है।
वर्जन
रेलवे ने पैसेंजर ट्रेनों के किराये में कमी की है। आदेश आ गया है। इसे लागू भी कर दिया गया है। -एसके खरे, स्टेशन अधीक्षक