उरई। एससीएसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शिव कुमार की अदालत में पांच साल पहले हुई गोली मारकर हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में सवा लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जालौन कोतवाली के उमरार खेड़ा निवासी वीरेंद्र कुमार ने 21 दिसंबर 2019 को उरई शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि छोटा भाई महेंद्र कुमार उर्फ छोटे गाड़ी मालिक रिंकू राजावत उर्फ अजीत सिंह की स्कार्पियो किराये पर चलाता था। गाड़ी चलाने से मना करने पर रिंकू ने उसके भाई के साथ गाली गलौज व जाति सूचक शब्द कहे थे।
16 सितंबर 2019 को रिंकू राजावत के घर पर आने के बाद छोटे ने फिर से उसकी गाड़ी चलानी शुरू कर दी। 17 दिसंबर को महेंद्र की बड़ा गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विवेचना में हत्या के इस मामले में जालौन कोतवाली क्षेत्र के चुर्खीवाल निवासी संजू उर्फ संजीव कुमार का नाम सामने आया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से उसको पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी से तमंचा समेत कई सबूत मिले। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में संजू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। गुरुवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस बीच गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर संजीव दोषी पाते हुए सजा सुनाई।